योगी सरकार लाॅकडाउन के दौरान ही अपने दो अन्य फैसलों पर भी यू-टर्न ले चुकी है. आइसोलेशन वार्ड में मरीजों के मोबाइल रखने पर रोक लगाने और लेबर लाॅ पर रोक लगाने के फैसले पर भी बयान वापस लिया था.
योगी ने अपने बयान में साफ कहा है राज्य सरकारें बिना हमारे परमिशन के हमारे लोगों को लेकर नहीं जाएंगी, क्योंकि कुछ राज्यों में जो लोगों की दुर्गति हुई है उसे देखते हुए हम इनकी सोशल सेक्युरिटी की गारंटी अपने हाथों में लेने जा रहे हैं.
राहुल बोले पहले प्रधानमंत्री जी फ्रंट फुट पर थे, मगर अब वो नजर नहीं आ रहे, जबकि प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि वह क्या करेंगे और उनकी आगे की रणनीति एवं प्लान बी क्या है?’
वीएचपी का दावा है कि उसकी टीम उस लिंचिंग में कम्युनिस्टों के शामिल होने ’की संभावना की भी जांच करेगी जिसमें दो साधुओं और उनके ड्राइवर की हत्या कर दी गई थी.
उद्धव ठाकरे ने कहा प्रवासियों को घर पहुंचाने के लिए प्रतिदिन 80 प्रवासी स्पेशल ट्रेनों की मांग की थी, लेकिन उसे सिर्फ 40 ट्रेनें ही मिल रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य ने इन ट्रेनों के लिये 85 करोड़ रुपये अदा किये हैं.
उन्होंने टीवी पर प्रसारित एक संदेश में कहा, ‘अचानक लॉकडाउन लागू किया जाना गलत था. इसे तुरंत हटा देना भी उतना ही गलत होगा. हमारे लोगों के लिये यह दोहरा झटका होगा.’
दिप्रिंट के साथ इंटरव्यू में आरजेडी नेता ने कहा कि स्पष्ट है कि बिहार सरकार को राज्य की जनता को बचाने की कोई चिंता नहीं है. वह प्रवासी श्रमिकों के साथ दूसरे दर्जे के नागरिकों जैसा व्यवहार कर रही है.
भाजपा के हमले का जवाब देते हुए सत्तारूढ़ दल के मुख्य प्रवक्ता सुशील आनंद ने दिप्रिंट को बताया, 'राज्य सरकार कोरोना की रोकथाम के संबंध में जो भी कदम उठा रही है उसका आधार केंद्र द्वारा जारी किये गए दिशा निर्देश ही हैं.'
उद्धव ठाकरे सरकार के खिलाफ 22 मई को भाजपा द्वारा बुलाए गए विरोध प्रदर्शन की शिवसेना और कांग्रेस ने आलोचना की है, भाजपा ने मुंबईवासियों से काले कपड़े पहनने और तख्तियां लेकर बालकनी में आने का अनुरोध किया है.