कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पायलट को पुलिस नोटिस भेजे जाने का असल उद्देश्य, गहलोत सरकार को अस्थिर किए बिना, उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया की राह पर ढकेल देना था.
राजस्थान में मचे इस घमासान के बीच अशोक गहलोत सरकार को बचे रहने के लिए 101 विधायकों का समर्थन चाहिए और कांग्रेस दावा कर रही है कि उसके पास फिलहाल 109 विधायकों का समर्थन है.
अविनाश पांडे ने कहा कि विधायकों को सोमवार सुबह 10.30 बजे होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए व्हिप जारी किया गया है. बैठक में भाग नहीं लेने वाले विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
बिहार चुनाव निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कराने पर जोर देने के बाद, जबकि विपक्ष इसे थोड़ा टाले जाने की मांग कर रहा था, उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी अब कह रहे हैं कि एनडीए वह फैसला ही मानेगा जो चुनाव आयोग लेगा.
सूत्रों ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस संकट में घिरी है. उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से रिश्ते अच्छे नहीं हैं.
भूपेश बघेल सरकार, बॉर्डर चौकियों को खोलने, पूर्ण शराबबंदी, रेत खनन का स्थानीय निकाय को अधिकार, किसानों को बोनस जैसे अनेक मुद्दों पर अपने वादों से पलट रही है. भाजपा नेता रमन सिंह ने श्वेतपत्र जारी करने की मांग की.
मुंबई, तीन मार्च (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले और पार्टी के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने मंगलवार को...