सिंधिया समर्थकों के लिए वोट मांगते हुए, शिवराज सिंह चौहान अकसर इस बात को मानते थे, कि उन्हीं की वजह से बीजेपी सत्ता में वापसी कर पाई. चुनावी लड़ाई जीतने के बाद, चौहान को अब शासन पर ध्यान केंद्रित करना होगा.
ताजा रुझानों के मुताबिक कुल 28 सीटों में से 21 पर भाजपा आगे चल रही है. सिंधिया का गढ़ माने जाने वाले ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा 16 में से 10 सीटों पर आगे चल रही है.
भाजपा से ज़्यादा ये चुनाव योगेश्वर दत्त के राजनीतिक करियर के तौर पर देखा जा रहा था , क्योंकि पार्टी ने उन्हें एक बार की हार के बाद ये दूसरा मौक़ा दिया था.
आयोग ने कहा कि राज्य के 55 केंद्रों पर वोटों की गिनती चल रही है. कई सीटों पर 19 से लेकर 50 से ज्यादा राउंड तक की भी गिनती हो सकती है इसलिए नतीजे आने में देरी हो सकती है.
पुष्पम प्रिया ने कई हिंदी और अंग्रेजी अखबारों में पूरे पेज के विज्ञापनों के माध्यम से राजनीति में प्रवेश करने का ऐलान किया था, जिसमें कहा गया था, ‘बिहार बेहतर का हकदार है, और बेहतर संभव है.’
कांग्रेस के उस्मानी को मैदान में उतारने के फैसले का बीजेपी और उसके अपने पार्टी सदस्यों ने विरोध किया था, चूंकि बहुत से लोग उन्हें ‘जिन्ना समर्थक’ कहते हैं.
जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.