सूत्रों के मुताबिक श्रम मंत्री संतोष गंगवार, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री देबश्री चौधरी और शिक्षामंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने इस्तीफा दे दिया है.
न्यायमूर्ति चंदा ने बनर्जी की चुनाव संबंधी याचिका को अपनी अदालत से हटा दिया. मामला अब किसी दूसरी पीठ को सौंपने के लिए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेश बिंदल को भेजा जाएगा.
पड़ोसी राज्य बिहार की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) यूपी चुनाव की दौड़ में शामिल हो गई है, और उसने यूपी की निषाद पार्टी से साथ आने की पेशकश भी की है. हालांकि, निषाद पार्टी एक बड़ी भूमिका चाहती है.
पटोले ने आरोप लगाया था कि देवेंद्र फडणवीस नीत पूर्ववर्ती सरकार में उनके साथ ही राकांपा, भाजपा और शिवसेना के अनेक महत्वपूर्ण नेताओं तथा कई आईएएस एवं आईपीएस अधिकारियों के फोन की टैपिंग कराई गयी.
मनी लांड्रिंग को लेकर भेजे गए नोटिस पर पीडीपी चीफ ने कहा कि जिस दिन पीडीपी ने परिसीमन आयोग से न मिलने का फैसला किया, इसी को लेकर ईडी ने मेरी मां को अज्ञात आरोपों को लेकर सम्मन भेजा है.
कांग्रेस नेता ने ट्वीट किया, ‘कई राज्यों में मनरेगा श्रमिकों को मज़दूरी का पैसा नहीं मिल रहा. महामारी में जब सरकार को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देनी चाहिए थी, तब मज़दूरों के हक़ का पैसा भी मारा जा रहा है.’
कई प्रदेशों के राज्यपाल बदले जाने और नये राज्यपालों की नियुक्ति के संदर्भ में कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, ‘क्या किसी ऐसे राज्यपाल को हटाया गया है जिसके विरुद्ध संविधान के साथ खिलवाड़ करने के गंभीर आरोप लगे हों?
तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने भाषण में कहा कि राज्य में भाजपा विधायकों को केंद्र के भाजपा नेतृत्व द्वारा चुने गये राज्यपाल के सदन में अभिभाषण देने में अवरोध पैदा नहीं करना चाहिए था.
एक पक्ष सोचता है कि आज भारत अपनी हैसियत से ज्यादा आगे बढ़कर कदम उठा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष सोचता है कि मोदी ने भारत की हैसियत कमजोर कर दी है और भारत अपनी हैसियत से कम कदम उठा रहा है. सच यह है कि दोनों ही गलत हैं.