एसबीएसपी प्रमुख ओपी राजभर ने दिप्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि भाजपा उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करेगी, और स्वतंत्र देव सिंह के साथ अपनी मुलाकात को उन्होंने ‘शिष्टाचार भेंट’ करार दिया.
तृणमूल कांग्रेस और प्रद्योत देबबर्मा की टीआईपीआरए भाजपा शासित राज्य में सिकुड़ते वाम-कांग्रेस और बढ़ती सत्ता-विरोधी लहर से पैदा हुए खालीपन को भरने की कोशिश कर रही हैं.
दिल्ली में संवाददाताओं से बात करते हुए राउत ने आश्चर्य व्यक्त किया कि केंद्र सरकार उच्चतम न्यायालय की इस टिप्पणी पर भी ध्यान नहीं दे रही कि पेगासस मामला, अगर सच है, तो यह एक गंभीर मामला है.
आवास और शहरी मामलों के राज्य मंत्री कौशल किशोर का कहना है कि भाजपा ने सबके कल्याण के लिए काम किया है जबकि बसपा और समाजवादी पार्टी तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त हैं.
वाम नेता ने कहा कि हालांकि, वामपंथी दल पश्चिम बंगाल में ममता की पार्टी और भाजपा दोनों को चुनौती देंगे. उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के एक वर्ग ने भाजपा और तृणमूल को अपने प्रमुख विरोधियों के रूप में एक ही खांचे में रखा है.
एक स्थिर नेपाल के लिए आगे का रास्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, समावेशी संवाद के जरिए राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने में है.