उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री की ओर से उनके सवालों का जवाब नहीं दिया जाता तो वे उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ कानूनी कदम उठा सकते हैं. दोनों नेताओं के मुताबिक, उन्होंने इस पत्र की एक प्रति प्रधानमंत्री कार्यालय को भी भेजी है.
मल्लिकार्जुन खड़गे ने संवाददाताओं से कहा कि वह 15-16 साल की उम्र से ही आरएसएस एवं उसकी विचारधारा के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं और गुलबर्गा सीट से 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी हार के कारणों में एक यह भी था.
अधिकतर दूसरे राजनेताओं को या तो अनुमति नहीं मिली, या पहुंचने से पहले उन्हें हिरासत में ले लिया गया, लेकिन तृणमूल MPs दांव-पेंच और राजनीतिक संपर्कों के सहारे हिंसा-ग्रस्त जगह पर पहुंच गए.
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मिश्रा नॉर्थ ब्लॉक में पहली मंजिल पर स्थित अपने कार्यालय में आए और करीब आधे घंटे तक वहां रहे. कुछ आधिकारिक कामकाज करने के बाद मिश्रा नॉर्थ ब्लॉक से रवाना हो गए.
उन्होंने कहा, ‘मुझे पत्नी से मिलने और उनका हाल जानने के लिए लखनऊ जाने से रोक दिया गया. इससे मैं स्तब्ध हूं कि प्रियंका को भारतीय दंड संहिता की धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया गया है.'
चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी ने 30 अक्टूबर को होने वाले बडवेल में होने वाले उपचुनाव के लिए कोई उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया है.
इस संगठन की स्थापना केवल नुकसान हो जाने के बाद बयान जारी करने के लिए नहीं की गई थी. इसका चार्टर संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान पर आधारित है.