कुछ लोगों का आरोप है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तरफ से अब ऐसे विवादों पर किसी प्रतिक्रिया में काफी समय लगता है, खासकर जबसे भाजपा गठबंधन में वरिष्ठ सहयोगी बनकर उभरी है. हालांकि, जदयू ने इस पर मुख्यमंत्री का बचाव किया है.
कांग्रेस से जिस तरह से बड़े-बड़े चेहरे टूटकर दूसरी पार्टियों में जा रहे हैं वो कांग्रेस की डूबती नैया में एक के बाद एक छेद करता जा रहा है. पिछले कुछ दिनों में कांग्रेस की कोर टीम के तमाम नेता दूसरी पार्टी खासकर बीजेपी में शामिल हुए हैं.
प्रियंका गांधी ने कहा, 'महिलाओं को अलग राजनीतिक इकाई के रूप में मतदान करना चाहिए. अब समय आ गया है कि वे अपने अधिकारों पर जोर दें, राजनीतिक क्षेत्र में उचित अधिकार की मांग करें.'
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख ने कहा कि वह मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के साथ आमने-सामने की लड़ाई के लिए तैयार हैं और इस बारे में बात की कि सपा के साथ बातचीत कैसे टूटी. लेकिन उन्होंने कांग्रेस के साथ गठबंधन से इंकार नहीं किया’.
आरपीएन सिंह ने ट्विटर पर सोनिया गांधी के नाम त्यागपत्र में लिखा है, 'आज, जब पूरा राष्ट्र गणतन्त्र दिवस का उत्सव मना रहा है, मैं अपने राजनैतिक जीवन में नया अध्याय आरंभ कर रहा हूँ. जय हिंद.'
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा जिले की पांचों सीटों अयोध्या, बीकापुर, रुदौली, गोसाईगंज और मिल्कीपुर पर विजयी हुई थी. अयोध्या में पांचवें चरण में आगामी 27 फरवरी को मतदान होगा.
कैराना मुस्लिम बहुल निर्वाचन क्षेत्र है, जहां 80 प्रतिशत आबादी इसी समुदाय की है जबकि बाकी लोगों में जाट, गुर्जर, कश्यप, दलित और सैनी शामिल है. यहां 10 फरवरी को मतदान होना है.
जब वामपंथी दल आक्रामक तरीके से हिंदू वोटों में सेंध लगा रहे हैं, तो बीजेपी के लिए तुरंत फायदा अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने में हो सकता है, उससे पहले कि वह अपना दायरा और फैलाए.