राकेश टिकैत का कहना है कि किसान 31 जनवरी को वादा ख़िलाफी दिवस के तौर पर मनाएंगे, चूंकि मोदी सरकार ने अभी MSP सुनिश्चित करने, और किसानों के खिलाफ दर्ज मुक़दमे वापस लेने का वादा पूरा नहीं किया है.
अतिरिक्त मुख्य सचिव जगमोहन सिंह राजू ने सीएम स्टालिन को लिखे अपने त्याग पत्र में कहा कि पंजाब की 'दर्दनाक' स्थिति उन पर भारी पड़ रही है. वह अब राजनीति की ओर रुख कर रहे हैं.
अगर वो चुनाव लड़ रहे होते, तो 1972 से विधायक और 6 बार के सीएम प्रतापसिंह राणे, अपनी पुरानी सीट पोरियम से अपनी ही बहू और भाजपा उम्मीदवार देविया के सामने होते.
अमृतसर पूर्व सीट पर एसएडी नेता मजीठिया और पंजाब कांग्रेस प्रमुख सिद्धू का आमने-सामने होना शीर्ष नेताओं के बीच एक अहम मुकाबला तो है ही, इसने पंजाब में सत्ता की चाबी माने जाने वाले माझा क्षेत्र में चुनावी जंग को और रोचक भी बना दिया है.
छह बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे राणे कभी कोई चुनाव नहीं हारे और वे 1972 से लगातार पोरीम सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. इस बार उनकी बहू इसी सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.
पंजाब के डिजिटल प्रचार में चन्नी का ‘थॉर’, केजरिवाल का ‘मौका’ और अकाली दल का ‘ठगों और झूठों’ का भंडाफोड़
चुनाव आयोग ने 31 जनवरी तक रैलियों और रोड शो पर बंदिश लगाई, तो पंजाब में राजनैतिक पार्टियों ने वोटरों तक पहुंचने के लिए डिजिटल राह अपनाई
मायावती ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, 'पहले यूपीटीईटी और अब रेलवे के आरआरबी-एनटीपीसी परीक्षा परिणाम को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार में कई दिनों से भारी हंगामा जारी है. यह सरकारों की विफलताओं का ही प्रमाण है. गरीब युवाओं व बेरोजगार नौजवानों के भविष्य के साथ ऐसे खिलवाड़ और विरोध करने पर उनकी पिटाई सर्वथा अनुचित है.'
किसी भी युद्ध को जीतने तो क्या, शुरू करने की कुंजी यह होती है कि उसका लक्ष्य स्पष्ट हो. यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय होता है. यह न तो भावनात्मक मामला होता है, और न ही शुद्ध रूप से सैन्य मामला.