ऐसे बहुत से उदाहरण हैं जिनमें नेताओं ने अपनी सीटों से बार बार जीत हासिल की, भले वो किसी भी पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हों. इसका कारण है गोवा का अव्यवस्थित राजनीतिक इतिहास.
जुलाई 2021 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालने वाले पुष्कर सिंह धामी ने दिप्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में दावा किया कि अगला चुनाव ‘एकतरफा’ नतीजों वाला होगा, साथ ही कहा कि वह बेरोजगारी की समस्या से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
प्रियंका गांधी द्वारा बुधवार को जारी चुनावी घोषणापत्र में, सरकारी नौकरियों में 40% महिला आरक्षण, 500 रुपए से कम LPG दाम, तीर्थ यात्रियों के लिए सुविधाएं, और नई पेंशन योजनाओं की बात कही गई है.
राहुल ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में बेरोजगारी पर एक भी शब्द नहीं था. देश भर के युवा नौकरी की तलाश में हैं. आपकी सरकार उन्हें नौकरी प्रदान करने में असमर्थ है.
नगर आयुक्त निशांत कुमार का कहना है कि गुरुवार को जिन्ना टावर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा जिससे कुछ ही दिन पहले 26 जनवरी को उसे फहराने की कोशिश में हिंदू वाहिनी कार्यकर्त्ताओं को हिरासत में लिया गया था.
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, 'ऐसी स्थिति हो गई है कि स्वामी प्रसाद मौर्य अपनी सीट पर भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं है. आखिर क्या मज़बूरी है कि उन्हें पडरौना छोड़कर भागना पड़ा..'
हॉकी में डिफेंस खेलने वाले जालंधर कैंट के विधायक परगट सिंह (कांग्रेस) का मुकाबला सेंटर-फॉरवर्ड अटैकर हॉकी खिलाड़ी सुरिंदर सिंह सोढ़ी (आप) के साथ है. सोढ़ी कहते हैं, ‘लोहा ही लोहे को काटता है.’
राज्य चुनाव आयोग ने पिछले हफ्ते बीएमसी द्वारा दिए गए परिसीमन के उस मसौदा प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया जो वार्ड की सीमाओं को संशोधित करता है और नौ नई सीटों को जोड़ता है.