UP में पार्टी का प्रदर्शन, जहां पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में इसका एक मज़बूत आधार माना जाता है, 2017 के विधान सभा चुनावों में इसके प्रदर्शन से काफी दूर है.
जहूराबाद के निवर्तमान विधायक राजभर को इस बार भाजपा उम्मीदवार कालीचरण राजभर की तरफ से कड़ी चुनौती मिली, जो कि बसपा के पूर्व नेता थे, जिन्होंने दिसंबर में ही अपना दल बदला था और उसी समुदाय से आते हैं. कालीचरण खुद जहूराबाद क्षेत्र के लिए नए नहीं हैं, उन्होंने 2002 और 2007 में बसपा के टिकट पर दो बार इस सीट पर जीत हासिल की थी.
न्यायालय ने कहा था कि जुलाई 2021 में मानसून सत्र की शेष अवधि के बाद तक के लिए इन सदस्यों को निलंबित करने वाला प्रस्ताव कानून की नजर में ‘असंवैधानिक और तर्कहीन’ है.
2017 के चुनावों में योगी को पहले दो चरणों के चुनाव में भाजपा की तरफ से स्टार प्रचारक तक घोषित नहीं किया गया था. लेकिन बाद में मुख्यमंत्री पद के लिए उनके नाम का ऐलान कर दिया गया.
पंजाब में आप की ऐतिहासिक जीत का सारा श्रेय उसके राजनीतिक विरोधियों की विफलताओं को ही नहीं दिया जा सकता. इसके पीछे केजरीवाल, जो एक तेजी से सीखने वाले शख्श है, द्वारा सावधानीपूर्वक तैयार की गई रणनीति का भी हाथ था.
चुनाव आयोग के मुताबिक, आम आदमी पार्टी 117 सीटों वाली पंजाब विधानसभा में दोपहर 12:55 बजे तक 91 सीटों पर आगे चल रही है, इसके बाद कांग्रेस 17 सीटों पर और शिरोमणि अकाली दल 6 सीटों पर है.
68 वर्षीय मौर्य ने इस साल के चुनावों के लिए, अपना चुनाव क्षेत्र पडरौना से बदलकर फाज़िलनगर कर लिया था. ऐसा माना जा रहा था कि मौर्य पडरौना में विरोधी लहर का सामना कर रहे थे.
HAL इंजीनियरों को विदेशों में और IITs तथा IIMs जैसे प्रमुख संस्थानों में प्रशिक्षण देने पर भारी निवेश करता है, लेकिन उनका पूरा और सही उपयोग नहीं हो पाता.