विधानसभा चुनाव में गायत्री प्रजापति की पत्नी की जीत के बाद, उनकी बहू शिल्पा, सपा के टिकट पर एमएलसी का चुनाव लड़ेंगी. विरोधी दलों ने पार्टी के इस फैसले की आलोचना की है. लेकिन, सपा का कहना है कि उनके संबंधियों के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है.
2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले कुछ ही अंतर से हार का सामना करना पड़ा था, जबकि दोनों दलों को करीब 41% वोट मिले थे. अब, कई राज्यों में जीत के बाद भाजपा ने मध्य प्रदेश में 2023 के अंत में प्रस्तावित चुनावों की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं.
बीजेपी के अंदर आम धारणा इस बात की है कि मौर्या को कैबिनेट से हटाने से 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ओबीसी मतदाताओं के बीच एक ख़राब संकेत जाएगा. हालांकि, अंतिम निर्णय केंद्रीय नेतृत्व द्वारा ही लिया जाएगा.
मध्य प्रदेश के सीएम की छवि एक मृदुभाषी और उदार नेता वाली रही है, लेकिन अब वह ट्रैक बदलकर एक सख्त प्रशासक के तौर पर पहचान बनाते नजर आ रहे हैं जिसके बारे में बीजेपी नेताओं और विश्लेषकों का मानना है कि यह 2023 की चुनावी रणनीति का हिस्सा है.
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद धामी राजभवन गए, जहां उन्होंने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह से मिलकर नई सरकार बनाने का दावा पेश किया.
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भाजपा चाहती है कि पाकिस्तान के साथ लड़ाई हो, वे हिंदू/मुस्लिम, जिन्ना, बाबर, औरंगजेब की बात करते हैं. कांग्रेस ने इस देश को सुरक्षित रखा.भाजपा कई पाकिस्तान बनाना चाहती है.
दिल्ली नगर निगम को साल 2012 में तत्कालीन शीला दीक्षित सरकार द्वारा तीन भागों में बांट दिया गया था. राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक ऐसा दिल्ली नगर निगम में बीजेपी की पैठ को कमजोर करने के लिए किया गया था
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?