शिवसेना नेता का बयान एक दिन बाद तब आया है जब एकनाथ शिंदे उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत के बाद डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की शपथ ली है.
कर्नाटक के पूर्व सीएम ने कहा कि कोई 'नरम या कट्टर हिंदुत्व' नहीं होता है और 2023 के विधानसभा चुनावों के लिए कन्नड़ गौरव और कन्नड़ लोगों के लिए नौकरी में आरक्षण कांग्रेस का मुद्दा होगा.
मुख्यमंत्री शिंदे और उनके खेमे में 38 विधायक सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा होंगे, जबकि अन्य 16 विधायक विपक्ष का हिस्सा होंगे. महाराष्ट्र का यह सियासी परिदृश्य आगामी नगर निकाय चुनाव को कड़े मुकाबले में बदल सकता है.
अब से करीब 31 महीने पहले भाजपा नेता द्वारा विश्वास मत से पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिए जाने के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले एमवीए सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ था, अब ठाकरे के भी इस्तीफा देने के साथ ही फडणवीस के लिए जीवन का एक चक्र पूरा हो गया है.
ठाकरे ने दोनों दलों के समर्थन से न सिर्फ सरकार बनाई बल्कि मुख्यमंत्री भी बने लेकिन ढाई वर्ष बाद उनकी सरकार पर संकट के बादल तब छा गए जब सहयोगियों ने नहीं बल्कि उनकी अपनी पार्टी के विधायकों ने ही बगावत कर दी.