पूर्व सीएम रेड्डी 11 नवंबर, 2010 में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन राज्य को विभाजित करने के कांग्रेस पार्टी के फैसले के विरोध में 10 मार्च, 2014 को इस्तीफा दे दिया था.
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और वी मुरलीधरन की उपस्थिति में गुरुवार को अनिल एंटनी ने भाजपा का दामन थामा था. इस मौके पर सुरेंद्रन और पार्टी के अन्य नेता तरुण चुग और अनिल बलूनी भी मौजूद थे.
भाजपा के 44वें स्थापना दिवस पर पार्टी सदस्यों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाजपा को विकास, विश्वास और नए विचार का पर्याय बताते हुए कहा था कि सामाजिक न्याय उनकी पार्टी की विचारधारा का आधार है.
AIMIM फिलहाल SDPI, KRPP, AAP जैसे कई अन्य छोटे दलों के उस गुट में शामिल होती दिखाई दे रही है, जिन्होंने इस बार चुनाव लड़ने का फैसला किया है. कांग्रेस विधायक ने माना कि छोटी पार्टियां तकरीबन 50 सीटों पर वोटों को बंटवा सकती हैं.
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वह कांग्रेस कार्यकर्ता के रूप में मरेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) भारत के संवैधानिक चरित्र को नष्ट कर रहे.
पाल, जिन्हें पिछले साल दिसंबर में ही BSP का UP प्रमुख नियुक्त किया गया था, ने साल 2022 के UP विधानसभा चुनावों से पहले की ‘BJP-SP साजिश' के बारे में बातें की, और कहा कि साल 2024 के लोकसभा चुनावों में BSP एक बड़ी पार्टी के रूप में उभरेगी.
मध्य प्रदेश कांग्रेस का ‘पुजारी प्रकोष्ठ’ बनाना दरअसल हिंदू मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने के साथ-साथ अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के भाजपा के आरोपों को चुनौती देने का एक प्रयास है.
अवामी लीग को अभी इस सवाल का जवाब नहीं चाहिए कि हसीना के बाद कौन होगा या यह बहस कि हसीना को बांग्लादेश लौटना चाहिए या नहीं, बल्कि ज़मीन पर नया नेतृत्व चाहिए.