कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस ने सत्ताधारी बीजेपी को पटखनी देते हुए 224 विधानसभा सीटों में से 135 सीटों पर जीत दर्ज की. सत्ताधारी पार्टी बीजेपी को 66 सीटें मिली जबकि जेडी(एस) को 19 सीटों से संतोष करना पड़ा. 4 सीट अन्य के खाते में गई.
खड़गे ने रविवार को राज्य में कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता के चुनाव के लिए महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे और पार्टी नेताओं जितेंद्र सिंह और दीपक बाबरिया सहित कर्नाटक में तीन पर्यवेक्षक नियुक्त किए.
बोम्मई ने कहा, हालांकि, 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को 19 सीट मिली थीं. आज हम और भी बेहतर स्थिति में हैं और 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए सभी तैयारियां करेंगे.
कर्नाटक चुनाव में 224 में से 135 सीटों पर जीत हासिल करने वाली पार्टी को अपने पारंपरिक सीटों के अलावा कित्तूर-कर्नाटक, केंद्रीय जिलों और पुराने मैसूरु क्षेत्र में लाभ मिला.
कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, 'कर्नाटक ने लोकतंत्र को नई रोशनी दिखाई है. यह 6.5 करोड़ कन्नड़ लोगों की जीत है. कर्नाटक के गौरव की जीत हुई है!'
सुआर सीट पहले आजम खान के बेटे अब्दुल्ला के पास थी, जिसकी अयोग्यता के कारण उपचुनाव की जरूरत पड़ी. अपना दल (एस) ने जहां एक मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में उतारा था, वहीं सपा ने पूर्व बसपा नेता अनुराधा चौहान को मैदान में उतारा था.
क्षेत्र में भाजपा की सीटों की संख्या 30 से घटकर 16 हो गई है. इसका अहम फैक्टर लिंगायतों में गुस्सा था, जिससे इसके कई धार्मिक और सामुदायिक नेताओं ने अपने लोगों से पार्टी का समर्थन नहीं करने को कहा था.
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