एक अलग बैठक में शरद पवार ने बागी राकांपा नेताओं पर हमला किया और बीजेपी की ‘फूट डालो और राज करो’ की राजनीति के लिए आलोचना की, लेकिन अपने भतीजे की आलोचना का जवाब देने से परहेज किया.
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा, “यूसीसी का विभिन्न वर्गों को दिए गए आरक्षण से कोई लेना-देना नहीं है. कांग्रेस केवल यूसीसी के बारे में लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है.”
सामना ने दावा किया गया कि एनसीपी के घटनाक्रम के पीछे दिल्ली में मौजूद ‘‘महाशक्ति’’ का हाथ है. इसमें कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में साफ किया है कि किसी पार्टी का एक विधायक दल पार्टी और उसके चुनाव चिह्न पर दावा नहीं कर सकता.
महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में एनसीपी के नौ विधायकों के शामिल होने के साथ राज्य में अब केवल 14 कैबिनेट के पद खाली हैं. अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के सरकार में शामिल होने से पहले यह संख्या 23 थी.
चुनावी राज्य तेलंगाना में बंदी संजय बीजेपी के लिए एक मुश्किल मुद्दा बन गए थे. जहां तक पंजाब, आंध्र प्रदेश और झारखंड का सवाल है, पार्टी अपने प्रदेश इकाई में दोबारा जान फूंकने की कोशिश कर रही है.
कोझिकोड(केरल), 25 मार्च (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को आरोप लगाया कि केरल सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और केंद्र में सत्तारूढ़...