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Monday, 2 March, 2026
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भाजपा को बंगाली बनने की ज़रूरत है, रोशोगुल्ला से आगे बढ़िए, पान्ताभात खाइए, होदोल कुटकुट को जानिए

पश्चिम बंगाल में ‘घुसपैठिये’ या ‘तुष्टीकरण’ जैसे शब्द बहुत कम सुनाई पड़ते हैं, न ही ‘मंगलसूत्र’ या अमित शाह द्वारा ममता बनर्जी के ‘मां, माटी, मानुष’ नारे को ‘मुल्ला, मदरसा, माफिया’ में बदलने जैसे वाक्या सुनाई देते हैं.

ईरान-इज़रायल युद्ध ले रहा है ‘सभ्यताओं के संघर्ष’ के सिद्धांत का इम्तिहान

पश्चिमी तथा इस्लामी सभ्यताओं के बीच का संघर्ष आज के भू-राजनीतिक नक्शे को परिभाषित कर रहा है.

प्रज्वल रेवन्ना मामला दिखाता है कि राजनेताओं को महिलाओं की सुरक्षा की परवाह नहीं है, वे दोषी हैं

भले ही जेडी(एस) ने अब प्रज्वल रेवन्ना को निलंबित कर दिया है और भाजपा ने खुद को उनसे दूर कर लिया है, लेकिन यह बिल्कुल स्पष्ट है कि सिस्टम ने उन्हें बचाने की कोशिश की है.

मोदी का रिपोर्ट कार्ड कहां है? वह इसे मंगलसूत्र, मुसलमानों के पीछे ध्यान भटकाकर छिपाने की कोशिश में जुटे हैं

चुनाव मंत्री – माफ कीजिएगा, प्रधानमंत्री सच्चाई से वाबस्ता करना पसंद नहीं करते. उन्हें बॉलीवुड की कल्पनाएं, भ्रम के बुलबुले और साफ-सुथरे माहौल में सज धज कर फोटो खिंचवाना पसंद है.

आपका सोना, मंगलसूत्र कौन छीन रहा है? RBI डेटा के हिसाब से यह मोदी हैं

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, भारतीयों ने 2023-24 में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक उधार लेने के लिए अपने सोने के आभूषण गिरवी रखे, जो 2018-19 के मुकाबले लगभग पांच गुना अधिक है.

दूसरे चरण में बीजेपी के लिए बड़ी समस्या, वह काफी सीटों को गंवा सकती है

दूसरे चरण के चुनाव में BJP के भाग्य का फैसला बहुत कुछ कर्नाटक, राजस्थान और महाराष्ट्र में सीटों के लिए हुई चुनावी लड़ाई के नतीजों पर निर्भर है. पिछली बार बीजेपी ने इन राज्यों में बेहतर प्रदर्शन किया था, लेकिन इस बार उसे तगड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.

BJP मुकाबले में सबसे आगे, फिर भी चुनावी मुद्दा तय करने में Modi को डर क्यों

‘लहर’ वाले चुनाव के दौरान मतदाताओं का उत्साह चरम पर होता है. एक बेहतर भविष्य की उम्मीदें रहती हैं, कभी-कभी प्रतिशोध का भाव भी रहता है. इन सबके मद्देनज़र 2024 का चुनाव अप्रत्याशित रूप से मुद्दा विहीन चुनाव नज़र आ रहा है.

SSC घोटाले के बाद ममता बनर्जी का सभी पर आरोप, ज़ाहिर है, जिम्मेदारी मतदाताओं की है

बीते 1,138 दिनों से कम से कम 5,000 लोग मध्य कोलकाता में धरने पर बैठे हैं. सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं.

भारतीय सिविल सेवाओं में महिलाओं की कमी है, लेकिन यह सरकार की गलती नहीं है

भारतीय सिविल सेवा परीक्षा के लिए न केवल कम महिलाएं आवेदन करती हैं, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ वे दौड़ से पीछे भी हट जाती हैं.

देश को बांटने का काम पीएम मोदी नहीं कर रहे बल्कि दोषी वे हैं जो जाति जनगणना की मांग कर रहे हैं

हालांकि, पुनर्वितरण शब्द का उपयोग नहीं किया गया है, लेकिन निहितार्थ स्पष्ट है: 'जितनी अधिक जनसंख्या, उसके उतने ज्यादा अधिकार'

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केरल के मुख्यमंत्री ने अतिक्रमण रोधी अभियान को लेकर तेलंगाना सरकार की आलोचना की

तिरुवनंतपुरम, दो मार्च (भाषा) केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने सोमवार को आरोप लगाया कि तेलंगाना के खम्मम जिले में हाल ही में हुई...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.