‘एक देश, एक चुनाव’ से लेकर परिसीमन और केजरीवाल के राजनीतिक खात्मे की योजना तक, मोदी-शाह के पास 2029 के चुनाव के लिए कईं एजेंडा है, लेकिन बहुत कुछ 2024 के चुनावों में भाजपा की संख्या पर निर्भर करेगा.
इस यात्रा को भले ही ज़्यादा तवज्जो नहीं मिली, लेकिन इसने चुपचाप मोहब्बत की दुकान से एक कदम आगे बढ़कर अन्याय के शिकार अलग-अलग वर्गों के बीच दर्द का रिश्ता बना दिया जो भविष्य की राजनीति का आधार हो सकता है.
जहां श्रीलंका आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहीं हंबनटोटा को 99 साल के लिए चीन को पट्टे पर दिया जाना दिखाता है कि बीजिंग किस तरह से बेल्ट एंड रोड इनीशिएटिव को हथियार के रूप में प्रयोग कर रहा है.
कमांड की वैकल्पिक चेन बनाने से ही समस्या हल नहीं होने वाली है. परमाणु खतरे के चरम दौर और युद्ध में राजनीतिक कमान की सुरक्षा अनिवार्य है ताकि वह हालात का प्रभावी सामना कर सके.
भाजपा कार्यकर्ता और नेता 2021 में अपनी पार्टी में पूर्व-टीएमसी नेताओं-अपने कट्टर शत्रुओं के लिए काम करने के लिए मजबूर होने के बाद निराश हो गए. इसके चलते हिंसक विरोध प्रदर्शन भी हुआ.
आम आदमी पार्टी ने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ सभी आरोपों को खारिज कर दिया है और दावा किया है कि दो साल की जांच के बावजूद ईडी को मामले में कोई सबूत नहीं मिला है.
केजरीवाल और उनकी पार्टी जिस ‘आइडिया’ के बूते उभरी थी वह भ्रष्टाचार के खिलाफ बेरोकटोक लड़ाई का था. इसीलिए मोदी सरकार ने उन पर, उनकी पार्टी तथा सरकार पर भ्रष्टाचार की कालिख पोती है
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.