केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार मणिपुर में डबल इंजन वाली सरकार होने का दावा करती है, लेकिन उसने राज्य या देश को यह भरोसा दिलाने के लिए कुछ नहीं किया है कि मणिपुर महत्वपूर्ण है.
दिल्ली सरकार मानती है कि निर्माण कार्य रोकने और वाहनों की आवाजाही कम करने से प्रदूषण का स्तर कम हो सकता है, लेकिन ये सब खून से लथपथ घावों पर जल्दबाजी में की गई मरहम पट्टी के सिवा कुछ नहीं है.
खालिद अहमद संपादक, लेखक, भाषाविद, अखबार के दफ्तर के रहनुमा, एक सच्चे और दुर्लभ सेकुलर अनीश्वरवादी और शायद नास्तिक शख्स थे और मेरे कई मुस्लिम मित्रों में निश्चित रूप से अकेले ऐसे शख्स थे और वह कोई वामपंथी भी नहीं थे, दूर-दूर तक नहीं.
चुनाव के समय भाजपा ‘औरंगज़ेब’, ‘पाकिस्तान’ और ‘लव जिहाद’ जैसे मुद्दों को मशीन की तरह सटीकता से पेश करती है, लेकिन पश्चिम बंगाल की तरह महाराष्ट्र में भी यह कारगर नहीं होगा.
भारत को अपने दोनों प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ साफ प्रतिरोध क्षमता हासिल करनी होगी. चीन के मामले में ऐसा उसे हमला करने की बड़ी कीमत चुकाने का डर पैदा करके किया जा सकता है, तो पाकिस्तान को दंड का डर पैदा करके किया जा सकता है.