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Monday, 9 March, 2026
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मुकाम पर पहुंच गया है भारत, क्योंकि मोदी जी ऐसा कह रहे हैं

वह ध्रुवीकरण करने वाले हमारे सबसे बड़े नेता हैं, जिनसे बहुत लोग तहेदिल से घृणा करते हैं लेकिन वह समान रूप से इससे कहीं ज्यादा लोगों से प्रेम भी पाते हैं, विशेष रूप से युवाओं से। गुजरात और कर्नाटक में भाजपा का संघर्ष 2019 में भी जारी रहेगा यह सोचना घातक रूप से असावधानीपूर्ण है।

राज्यपालों की बदनाम परंपरा, वजूभाई वाला ने भी उठाया अदालती जोख़िम

स्वतंत्र भारत में बार-बार राज्यपालों द्वारा निभाई गई भूमिका के कारण अदालत और सरकार द्वारा नियुक्त आयोगों ने उनको प्रतिकूल टिप्पणीयां दी है।   राज्यपालों...

कश्मीर के लोगों को साथ लिए बिना संभव नहीं रमज़ान में युद्धविराम

बुधवार को केंद्र द्वारा रमज़ान के मौके पर घोषित एकपक्षीय युद्धविराम (सीज़ -फायर) केवल तभी काम करेगा जब सभी हितधारक इसे सफल बनाने में गंभीरता दिखाएंगे।

कर्नाटक में ‘मोदी लहर’ के बावजूद अभी से 2019 में विपक्ष को कमजोर समझना जल्दबाजी

राजनीतिक दृष्टिकोण से कर्नाटक आखिरी कांग्रेस शासित प्रदेश है जो “मोदी लहर” में साफ हुआ है जिसकी शुरुआत 2014 में हुई थी।

अमित शाह का उदय

कामराज के कार्यकाल के पचास साल के बाद, अमित शाह एक सत्तारूढ़ पार्टी के पहले और वास्तविक शक्तिशाली चीफ हैं.

आखिर क्यों कर्नाटक के राज्यपाल को मुख्यमंत्री बनने के लिए एच.डी. कुमारस्वामी को आमंत्रित करना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट के निर्णय स्पष्ट हैं: जिस किसी के पास भी बहुमत बनता हुआ प्रतीत होता है गवर्नर को उसे आमंत्रित करना चाहिए।

भाजपा को पता होना चाहिए कि राजनीति या शासन के लिए सोशल मीडिया नहीं है एक विकल्प

इससे फर्क नहीं पड़ेगा कि ट्विटर पर नरेन्द्र मोदी के पास राहुल गांधी के मुकाबले कितने अधिक फालोअर्स हैं. फर्क केवल इससे पड़ेगा कि लोकसभा में किसने कितनी सीटें जीतीं.

राष्ट्रीय राजनीति के लिए कर्नाटक से सीखने योग्य तीन ज़रूरी सबक

कर्नाटक चुनाव परिणाम नेहरु और इंदिरा के बाद वास्तविक अखिल भारतीय नेता के रूप में मोदी की पदवी पर मोहर लगाता है| मायावती आश्चर्य का कारक हो सकती हैं

विवादित बल्लारी भाइयों की वापसी से मालूम होता है कर्नाटक के लिए कितनी बेक़रार है भाजपा

भाजपा को उम्मीद है कि जनार्दन रेड्डी अपने क्षेत्र की 23 सीटों में से अधिकतम सीटों पर जीत दिलवाएंगे जो कि राज्य विधानसभा की 10 प्रतिशत ताकत हैं। जनार्दन रेड्डी पर अधिकतर राजनेताओं की तुलना में सबसे ज्यादा आरोप हैं।

खट्टर की नमाज़ टिप्पणी और हिन्दू गुटों के अयोध्या मामले में दिए तर्क मेल नहीं करते

अयोध्या मामले में 1994 में सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय लिया था कि मुसलमान व्यावहारिक रूप से कहीं भी प्रार्थना कर सकते हैं जबकि हिन्दू एक बार जहाँ पत्थर स्थापित करते हैं उसे ही मंदिर मानते हैं।

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ईरान का संघर्ष भारत तक पहुंचा, मुसलमानों से फिर देशभक्ति साबित करने की मांग

जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.

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एबीबी भारत में इस साल करेगी 7.5 करोड़ डॉलर का अतिरिक्त निवेश

नयी दिल्ली, नौ मार्च (भाषा) विद्युतीकरण और स्वचालन क्षेत्र की कंपनी एबीबी ने भारत में अपने विनिर्माण आधार और शोध एवं विकास (आरएंडडी)...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.