scorecardresearch
Tuesday, 3 February, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

मिडिल क्लास के करदाताओं की अब कोई बात नहीं कर रहा है, रुपया गिर रहा है, बाज़ार डूब रहे हैं

कई लोग जो एक दशक पहले रुपये में गिरावट को लेकर इतने चिंतित थे, वे बोलने को तैयार नहीं हैं. जब मनमोहन सिंह पीएम थे तो वे शेर थे. अब वे चूहे हैं.

4 हफ्तों में 4 राजस्व सचिव: ‘समर्पित नौकरशाही’ की तलाश में क्यों है मोदी सरकार

प्रधानमंत्री मोदी जाहिर तौर पर राजनीतिज्ञों की तुलना में सेवारत और सेवानिवृत्त नौकरशाहों पर अधिक विश्वास जताते हैं. हालांकि, आईएएस अधिकारी इसे शायद संदेह की नजर से देख रहे होंगे.

भारत में पुलिस, अस्पताल और अदालतों से बचे रहना एक आशीर्वाद क्यों है?

भारत की तीन सबसे डरावनी संस्थाएं—पुलिस, अस्पताल और अदालतें—अपनी क्षमता के लिए पहचानी जाती हैं, जो रक्षकों को पीड़ित बना देती हैं.

करोड़पतियों को कड़ी मेहनत का संदेश देने की जरूरत नहीं. L&T के सुब्रह्मण्यन गलत सदी में जी रहे हैं

एलएंडटी के चेयरमैन एसएन सुब्रमण्यन इस विवाद से बच जाएंगे क्योंकि यह भारत है, जहां हमारा रवैया है 'चलता-है.' पश्चिम में, उन्हें माफी मांगने या इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया जाता.

ट्रूडो का पतन जताता है कि पश्चिमी जगत में अब लापरवाह लिबरलिज्म राजनीति के लिए जगह नहीं

सबको साथ लेकर चलने के आडंबर पर खड़ी राजनीति आज की दुनिया में अपना आकर्षण खो रही है, क्योंकि आज लोग ठोस नतीजे और प्रामाणिक नेतृत्व चाहते हैं.

बांग्लादेश के ‘चीफ एडवाइज़र’ प्रो. मोहम्मद यूनुस के नाम एक खुली चिट्ठी

हसीना ने आपका बैंक आपसे छीना, अब आपने उनसे उनकी सत्ता छीन कर बदला ले लिया है? अब आपके लिए कसौटी यह है कि आपको सार्वजनिक पद मिल गया है तब आप यह मान लें कि जनता ने आपमें भरोसा जताया है. क्या आप इस पद पर बने रहें और कुछ भी न करें? और आप कुछ करें, तो वह क्या हो?

दिल्ली भाजपा की पहुंच से बाहर है, रमेश बिधूड़ी की ‘महिला विरोधी’ टिप्पणी ने इसे और दूर कर दिया

यह पहली बार नहीं है जब बिधूड़ी ने इस तरह की विवादित बयानबाजी की है. कांग्रेस नेता दानिश अली के खिलाफ उनकी टिप्पणियों के कारण उन्हें 2024 में लोकसभा टिकट से हाथ धोना पड़ा था.

रक्षा मंत्रालय ने 2025 के लिए बड़े लक्ष्य तो तय कर लिए, पहले थिएटर कमांड का गठन ज़रूरी

भारत के राजनीतिक नेतृत्व को स्वीकार करना पड़ेगा कि खासकर टेक्नोलॉजी के मामले में तेज़ी से बदलती इस दुनिया में प्रतिरक्षा की तैयारी का तकाज़ा यह है कि इसके लिए जीडीपी के 2 प्रतिशत से ज्यादा के बराबर बजट देना पड़ेगा.

MSP अब असली मुद्दा नहीं रहा, भारत में खेती बदल गई तो किसानों की मांगें भी बदलनी चाहिए

जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसानों के लिए ‘एमएसपी’ की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन 2020-21 में नए कृषि कानूनों के खिलाफ चले आंदोलन की छाया मात्र है क्योंकि एमएसपी आज पहले की तरह प्रमुख मुद्दा नहीं रह गया है.

मनमोहन सिंह ने मिडिल-क्लास की उम्मीदों को पंख दिए, मोदी ने उन्हें निराश किया

भारतीय मध्यम वर्ग को कैसा होना चाहिए मनमोहन सिंह ने इसका सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व किया. इसके विपरीत, नरेंद्र मोदी इसकी सबसे खराब प्रवृत्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के तहत कश्मीर में छह स्थान पर एनआईए की छापेमारी

श्रीनगर, दो फरवरी (भाषा) राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने सोमवार को कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ तीन जिलों में छह स्थानों पर छापेमारी की।...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.