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Saturday, 7 March, 2026
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राजीव से लेकर मोदी तक ने जिस ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ का जिक्र किया, वो क्या बला ​है?

‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ का विचार लगभग तीन दशकों से भारतीय राजनीति पर छाया हुआ है. दिलचस्प बात यह है कि ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ के जुमले को किसी ने अभी तक परिभाषित नहीं किया है.

क्या 2004 की तरह होगी मोदी की हार, 11 दिसंबर तक करना होगा इंतज़ार

राम और राफेल नहीं, अगले आम चुनावों में ग्रामीण संकट सबसे बड़ा मुद्दा है. पांच राज्यों के चुनाव परिणामों से कहानी साफ हो जाएगी.

राज्यों के चुनाव भाजपा के लिए बुरी खबर लेकिन कांग्रेस के लिए भी खुशी का पैगाम नहीं

राज्यों के विधानसभा चुनाव में भले ही भाजपा का ग्राफ गिर रहा हो लेकिन सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी कोई खास करामात नहीं दिखा पा रही है.

जाति जनगणना: आख़िर 5000 करोड़ ख़र्च करके आंकड़े क्यों छुपा रही है सरकार

लोकसभा में आम सहमति के बाद केंद्र सरकारों ने 4,893 करोड़ रुपए खर्च करके देश में जाति जनगणना कराई, लेकिन सात साल बाद भी इसका आंकड़ा सामने नहीं आया.

विकास की राजनीति: कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे…

मोदी ने लाल किले से धार्मिक झगड़ों को दरकिनार कर विकास के पथ पर बढ़ने का आह्वान किया था, लेकिन आज विकास की राजनीति मंदिर और मूर्ति के पीछे छुपती दिख रही है.

अमेरिका को अपने यहां चुनाव कराने का ज़िम्मा भारतीय चुनाव आयोग को सौंपना चाहिए

अगर आप यह जान लेंगे कि अमेरिका में चुनाव किस तरह होते हैं तो आपको भारतीय लोकतंत्र पर गर्व होगा.

मोदी-शाह की ‘डर की राजनीति’ अगले आम चुनाव के लिए सही रणनीति क्यों नहीं है?

डर की राजनीति से वे मतदाता भाजपा से छिटक सकते हैं जिन्होंने 2014 में अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वोट किया था.

भारतीय राजनीति की नई खाई: बहुमत वाले ‘देहाती’ कावड़िये बनाम ‘सभ्य’ हैलोवीन मनाने वाले

मोदी-भाजपा गलियों और सड़कों से संकेत ग्रहण करते हैं और उसी मिजाज के संदेश देते हैं. इसने कांग्रेस को उलझन में डाल दिया है और भाजपा विरोधी कुलीन तबके को अलग-थलग कर दिया है.

उर्जित पटेल सख्त और अल्पभाषी हैं लेकिन भारत अभी उनका इस्तीफ़ा नहीं सह सकता

रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नरों के भी अड़ियल रुख रहे हैं लेकिन वे विचार-विमर्श करने को तैयार थे.

भाजपा की 2014 के मुकाबले अगले आम चुनाव में 100 सीटें कम क्यों हो सकती हैं

अगर आप जान सकें कि बीजेपी के साथ हिंदीपट्टी में क्या होने वाला है तो फिर समझिए आपने 2019 के चुनावी नतीजों को जान लिया.

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नेपाल में बालेन की लहर कायम, क्या देश को मिलेगा अब तक का सबसे युवा प्रधानमंत्री

बालेंद्र शाह की लोकप्रियता के बावजूद, यह संभावना ज्यादा है कि आरएसपी को साफ बहुमत न मिले, लेकिन नेपाली कांग्रेस को अपने सात दशक पुराने वोटर आधार का फायदा मिल सकता है.

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जयशंकर ने भूटान, श्रीलंका और सेशेल्स के समकक्षों से मुलाकात की

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को श्रीलंका और भूटान के अपने समकक्षों के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता की...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.