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Thursday, 26 March, 2026
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शुभकामनाएं कि आप गरीबों की योजनाओं, दवाओं और राशन कार्डों वगैरह की लूट में शामिल होते थोड़ा शरमायें!

एक दिन आपके अखबार में यह खबर भी आये कि कम्बल बांटने चले नेता जी अपनी करुणा के प्रदर्शन के लिए एक भी कांपता हुआ आदमी नहीं ढूंढ़ पाये.

जयपाल सिंह मुंडा के साथ इतिहासकारों ने न्याय नहीं किया

भारत के आधुनिक इतिहास के सबसे चमकदार व्यक्तियों में से एक जयपाल सिंह मुंडा को जिस फ्रेम में समझने की कोशिश होती है, वही गलत है. उन्हें समझने के लिए आदिवासियत को समझना होगा.

‘वीमेन वाल’ पर पितृसत्ता के ये प्रहार उसकी बेचारगी के प्रतीक हैं

सबरीमाला में महिलाओं ने उन धर्मांध, पितृसत्तावादी संगठनों को उन्नीस साबित कर डाला है, जो सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बावजूद उनके भगवान अयप्पा के मंदिर में प्रवेश की राह में आ रहे थे.

देश के मुसलमानों को ओवैसी की राजनीति क्यों नापसंद है?

ओवैसी की राजनीति के विफल होने का दूसरा कारण यह है कि ओवैसी के नाम से ही धर्मनिरपेक्ष मुसलमानों के साथ-साथ अन्य वर्ग का दूर रहना.

लुटियंस की दिल्ली ने क्यों नरेंद्र मोदी से मुंह फेर लिया है?

प्रधानमंत्री का कहना है कि उन्हें सबसे बड़ा अफसोस इस बात का है कि वे ‘लुटियंस की दिल्ली’ को अपने पक्ष में नहीं कर पाए.

जो पहले नहीं सोचते थे, वे अब सोच रहे हैं कि मोदी-शाह को हराया जा सकता है

18 दिसंबर 2017 तक, यह कहने वाले बहुत लोग नहीं रहे होंगे कि अगले 12 महीनों में भारतीय राजनीति अपनी एकध्रुवीयता गंवा देगी. लेकिन आज यही हो गया है.

भारत से नाराज़ होकर चीन के करीब जा रहा है नेपाल

नेपाली युवा वर्ग में भारत को लेकर ज़बर्दस्त नाराज़गी है. वे कहते हैं, ‘हम कट्टर हिन्दू हैं, पर भारत को पसंद नहीं करते. हमारा दोस्त चीन है.'

शेख हसीना की जीत एशियाई शक्ति बनने में भारत के लिए मददगार होगी

बांग्लादेश में एक मज़बूत राजनीतिक ताक़त की मौजूदगी भारत के लिए बढ़िया है, ख़ास कर जब उसकी कमान नई दिल्ली से सहयोग करने वाली एक व्यक्ति के हाथों में हो.

क्या नीतीश कुमार का इकबाल खत्म हो गया है!

बिहार के मुख्यमंत्री के भाषणों में ही नहीं, बिहार में भी ‘सुशासन’ गायब है. वहां मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं. अब वे सुशासन का नाम लेने से बचते हैं.

मौजूदा सरकार नहीं बना पाएगी तीन तलाक का कानून

बीजेपी सहमति से ही तलाक का कानून पारित करा सकती थी, लेकिन अपने अहंकार से उसने ये रास्ता नहीं चुना. मुस्लिम महिलाओं के लिए न्याय का कानून नहीं बन पाएगा.

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जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास कोई धमाका नहीं हुआ, सेवाएं प्रभावित नहीं हुईं : डीएमआरसी

नयी दिल्ली, 26 मार्च (भाषा) दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने बृहस्पतिवार को स्पष्ट किया कि जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास कोई विस्फोट...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.