अग्रवाल ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री को लिखा था कि वे उम्र और विद्वता में प्रधानमंत्री से बढ़े हैं और उनके बड़े भाई की तरह हैं. इससे प्रधानमंत्री के अहम को चोट पहुंची.
यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.