scorecardresearch
Friday, 27 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

हर सातवें साल की दिक्कत: पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए चाहिए ‘टू-माइनस-वन’ का फॉर्मूला

पाकिस्तान और उसके छद्म सैनिकों को लगभग हर सात साल पर जबरदस्त खुजली होती रही है. युद्ध को बढ़ाने वाली हर कार्रवाई भारत को औसतन कई वर्षों तक पाकिस्तान के अंदर खौफ पैदा करने का मौका देता है.

कर्नल कुरैशी पर विजय शाह की टिप्पणी एक ऐसी मानसिकता है जिस पर कई बरसों से लगाम नहीं कसी गई

जबकि देश के ज़्यादातर लोगों ने इस बयान की निंदा की है, लेकिन एक सवाल पूछना ज़रूरी है: सत्ता के पद पर बैठा कोई व्यक्ति इस तरह की बात कहने में कैसे सहज महसूस करता है?

जाति जनगणना से डरिए मत शेखर गुप्ता, प्राइवेट सेक्टर में जातीय असमानता की तरफ देखिए

यह कहना क्रूरता ही होगी कि वंचित तबके पब्लिक सेक्टर के विस्तार का इंतजार करें या संगठित निजी क्षेत्र से ज्यादा जुड़ाव की अपीलों पर निर्भर रहें.

ट्रंप का कश्मीर को लेकर जुनून भारत के लिए खतरनाक है, नई दिल्ली को इसके लिए तैयार रहना चाहिए

1960 के दशक में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी द्वारा कश्मीर पर मध्यस्थता के प्रयास ने पाकिस्तान को अपनी तलवार तेज करने के लिए प्रेरित किया था, न कि उसे हल चलाने के लिए प्रेरित किया था.

‘मेक इन इंडिया’ बनी स्टार्टअप कंपनियों की कब्र

मानकों के पालन को सरल बनाएं. नियमन संबंधी अड़चनों को दुरुस्त करें. उधार देने में समानता बरती जाए और उस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए. ऐसी संस्कृति बनाई जाए जो उद्यम का सम्मान करती हो.

भारत ने पाकिस्तान के लिए केवल संघर्ष विराम का बटन ही दबाया है, उसे तौर-तरीके बदलना होंगे

जब भी ज़रूरत पड़ेगी, सैन्य ताकत का ज़रूर इस्तेमाल किया जाएगा, लेकिन यह कुल योजना का हिस्सा होगा ताकि पाकिस्तान के तौर-तरीकों में बदलाव लाया जा सके.

पाकिस्तान को सैन्य मदद देने पर RSS से जुड़े संगठन ने तुर्किये पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने की मांग की

स्वदेशी जागरण मंच ने मोदी सरकार से अपील की है कि वह द्विपक्षीय संबंधों पर फिर से विचार करे, गैरज़रूरी आयातों पर रोक लगाए, उड़ानें निलंबित करे और देश में विदेशी पर्यटन का बहिष्कार किया जाए.

IMF के कर्ज़ से पता चलता है पाकिस्तान का नारा है — भीख मांगो, उधार लो लेकिन आतंक का साथ देना मत छोड़ो

आईएमएफ को इस बात पर आत्मचिंतन करना चाहिए कि किस आधार पर एक ऐसे देश को लोन दिया गया जो अपने डिफॉल्ट और आतंकवादी नेटवर्क के लिए जाना जाता है?

क्या इस संघर्ष से पाकिस्तान में खौफ पैदा करने का मकसद पूरा कर पाया भारत?

दुश्मन में खौफ पैदा करना और उसे सज़ा देना इस बात पर निर्भर करता है कि जिन पर हम प्रभाव डालने की कोशिश कर रहे हैं उन पर कितना प्रभाव पड़ा है. मुश्किल यह है कि हम यह निश्चित रूप से नहीं जान सकते कि वह मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालने के लिए कितना नुकसान पहुंचाना ज़रूरी है.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

उमर अब्दुल्ला ने ईरान युद्ध को ‘अन्यायपूर्ण और अवैध’ बताया, प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप की अपील की

जम्मू, 27 मार्च (भाषा) जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ‘‘ईरान पर थोपी गई अन्यायपूर्ण एवं अवैध जंग’’ की शुक्रवार को निंदा की...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.