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Thursday, 22 January, 2026
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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: मोदी जी को गुस्सा क्यों आता है?

राज्य विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी का प्रचार आशा की बजाय अस्वाभाविक गुस्से पर केंद्रित होता दिख रहा है.

मोदी से क्या गुर सीख सकते हैं मामाजी, महारानी और चावल वाले बाबा?

भाजपा के मुख्यमंत्रियों वसुंधरा राजे, शिवराज सिंह चौहान और रमन सिंह से नरेंद्र मोदी एक क्षेत्र में आगे हैं.

शहरों के नाम बदलने को लेकर कैसे नेहरू और योगी के विचार अलग अलग हैं

मायावती दलित नायकों के नाम पर ज़िलों के नाम रखती हैं जो कि इससे बिलकुल अलग नहीं है जो आदित्यनाथ फैज़ाबाद और अय़ोध्या में करते हैं.

क्यों कांग्रेस को अब परिवारवाद पर शर्माना बंद कर देना चाहिए

अमित शाह भाजपा को परिवारों के गुट की तरह चला रहे हैं और कांग्रेस पर परिवारवादी होने का आरोप भी लगा रहे हैं.

सीबीआई कैसे पिजड़े के तोते से जंगली गिद्ध बन गई 

सीबीआई में नंबर एक और दो के नेतृत्व में दो ग्रुप हैं. प्रत्येक का दावा है कि वे 'असली वाले' हैं और दूसरे को चोर बुलाया जा रहा है.

दुनिया की तुलना में दिल्ली मेट्रो में इतनी कम सवारी क्यों चढ़ती हैं

दिल्ली का वायु प्रदूषण नहीं ख़त्म होगा.आम दिनों में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक ख़राब रीडिंग दिखाता है. प्राधिकरण निजी वाहनों पर प्रतिबंध लगाने पर...

हड़बड़ी में लाया जा रहा ‘गंगा एक्ट’ रेगिस्तान में जहाज़ चलाने की कोशिश है

हल्दिया से रवाना जहाज़ बनारस पहुंचने तक चार बार रुका, क्योंकि गंगा में पानी कम था. आनन-फानन में पानी भरकर माहौल बनाया गया लेकिन असल सवाल है कि गंगा में पानी कैसे आएगा.

दीपिका-रणवीर की शादी कवर करने में भारतीय पत्रकार हुए फेल

विराट अनुष्का ने तो नहीं बताया था, पर दीपिका और रणबीर ने पहले ही अपनी शादी के बारे में सब कुछ बता दिया और फिर भी आप फेल हो गए.

राजीव से लेकर मोदी तक ने जिस ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ का जिक्र किया, वो क्या बला ​है?

‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ का विचार लगभग तीन दशकों से भारतीय राजनीति पर छाया हुआ है. दिलचस्प बात यह है कि ‘मुस्लिम तुष्टीकरण’ के जुमले को किसी ने अभी तक परिभाषित नहीं किया है.

क्या 2004 की तरह होगी मोदी की हार, 11 दिसंबर तक करना होगा इंतज़ार

राम और राफेल नहीं, अगले आम चुनावों में ग्रामीण संकट सबसे बड़ा मुद्दा है. पांच राज्यों के चुनाव परिणामों से कहानी साफ हो जाएगी.

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जनसंख्या का डर, ‘बिमारू’ की सोच और फ्रीज सीटें: जनगणना 2027 खोलेगी परतें

यह समझने के लिए कि 1971 को भारत की संसदीय सीटों का आधार क्यों बनाया गया, 1960 के दशक के उस माल्थसवादी डर को फिर से देखना होगा, जो विकास से जुड़ी सोच पर हावी था.

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राजनीति

देश

कबाड़ पुनर्चक्रण कारोबार में अवसर गंवा रहा भारत: नीति आयोग

जयपुर, 22 जनवरी (भाषा) नीति आयोग का कहना है कि असंगठित कबाड़ (स्क्रैप) पुनर्चक्रण में खराब प्रसंस्करण क्षमता और अक्षमताओं के कारण भारत...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.