बांग्लादेश में एक मज़बूत राजनीतिक ताक़त की मौजूदगी भारत के लिए बढ़िया है, ख़ास कर जब उसकी कमान नई दिल्ली से सहयोग करने वाली एक व्यक्ति के हाथों में हो.
बिहार के मुख्यमंत्री के भाषणों में ही नहीं, बिहार में भी ‘सुशासन’ गायब है. वहां मॉब लिंचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं. अब वे सुशासन का नाम लेने से बचते हैं.
बीजेपी सहमति से ही तलाक का कानून पारित करा सकती थी, लेकिन अपने अहंकार से उसने ये रास्ता नहीं चुना. मुस्लिम महिलाओं के लिए न्याय का कानून नहीं बन पाएगा.
पितृसत्ता पुरुषों द्वारा महिलाओं के साथ किया जाने वाला व्यवहार भर नहीं है. पितृसत्ता वह व्यवहार है जो समाज हम सबके साथ करता है, पुरुष और महिला दोनों के साथ.
हाल-फिलहाल मेरी नज़र से एक दस्तावेज़ गुज़रा और मन उसी पर अटक गया- लगा कि इसे तो मैं एक वक्त से खोज रहा था. यहां सुविधा के लिए हम उस दस्तावेज़ का नाम ‘इको-नॉर्मिक्स’ रख लेते हैं.
येरुशलम की पश्चिमी दीवार (वेस्टर्न वॉल) और उत्तर प्रदेश के अयोध्या में काफी साम्य है. जैसा कि सावरकर मानते थे, यहूदीवाद और हिंदुत्व में अनेक प्रतीकात्मक समानताएं हैं.
अनुप्रिया पटेल यूपी में एनडीए का कुर्मी चेहरा हैं, लेकिन सरकार में आने के बाद से उनकी सामाजिक न्याय की योद्धा वाली छवि धूमिल हुई है. अब वे क्या करेंगी?
जेडी (यू) के पास अभी भी लोकसभा में 12 और राज्य विधानसभा में 85 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन नीतीश कुमार के बिना पार्टी के सामने नेतृत्व की बड़ी कमी खड़ी हो गई है.
नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार रात को कई राज्यों के राज्यपालों की नियुक्तियां कीं, जिसके तहत तमिलनाडु के राज्यपाल...