भाजपा नेतृत्व में या तो गहरी हीन भावना है, जो अपने कट्टर निंदक बौद्धिकों से दबती है. केवल कांग्रेस की नक़ल की है, बुनियादी रूप से भिन्न नीति सोचा तक नहीं.
संविधान की प्रस्तावना में केवल एक बार संशोधन इंदिरा गांधी के शासन में आपातकाल के वक्त हुआ था. ये 42वां संशोधन, जिससे ऐसा लगा था कि सरकार कुछ भी बदल सकती है.
तमाम सर्वे बता रहे हैं कि भाजपा के आंकड़े इस बार बहुमत से नीचे ही रहेंगे. ऐसे में हम उन छह संभावनाओं का जायजा ले रहे हैं जो तय करेंगी कि कौन बनेगा अगला पीएम
गैरबराबरी के ये आंकड़े इस लिहाज से ज़्यादा चिंतनीय हैं कि ये हमारे दुनिया का सबसे ‘महान’जनतंत्र होने के दावे की कनपटी पर किसी करारे थप्पड़ से कम नहीं हैं.
रंग-बिरंगी लाइटिंग और चटख रंगों की पेंटिंग के बीच कराहते बनारस में एक कार्डियोलॉजिस्ट एम्स की मांग को लेकर आंदोलनरत है, ताकि लोगों को अच्छा इलाज मिल सके.
इलाहाबाद हाइकोर्ट का फैसला लागू होता है, तो व्यावहारिक अर्थों में आरक्षण खत्म हो जाएगा और विवि गुरुकुल बन जाएंगे. जहां एससी-एसटी-ओबीसी शिक्षकों के लिए दरवाज़े बंद होंगे.
यह घटना एक असहज लेकिन संवैधानिक रूप से सामान्य बात को सामने लाती है: जम्मू-कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. उनकी सुरक्षा क्षेत्रीय है, न कि "सभ्यतागत."