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Monday, 19 January, 2026
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अगर अनंतकुमार हेगड़े को कोई ‘गे’ नेता चॉकलेटी फेस बताये तो वो क्या कहेंगे?

आप किसी के रंग रूप, रेस, जेंडर, सेक्सुआलिटी, धर्म, जाति के आधार पर कमेंट नहीं कर सकते. ये विकास की राजनीति से परे सबके विनाश की राजनीति है.

बापू की हत्या गोडसे ने की लेकिन अगली सुबह ‘गांधीवादियों’ ने ‘गांधीवाद’ को ही मार डाला

गांधी की हत्या उनके वैचारिक विरोधी नाथूराम गोडसे ने की, वहीं गांधीवाद की कसमें खाने वालों ने अगली सुबह तक गांधीवाद की भी हत्या कर दी.

जब नेहरू के भारत में गांधी की हत्या और गोडसे से जुड़ी एक कहानी प्रतिबंधित की गई

‘नाइन ऑवर्स टू रामा’ सेंसरशिप से हमारे जटिल संबंधों को दर्शाता है. भारत में प्रतिबंध लगाए जाने के 57 वर्ष बाद आज भी सेंसरशिप का वो प्रकरण प्रासंगिक बना हुआ है.

पुण्यतिथि विशेष: कौन देखता था महात्मा गांधी की सुरक्षा

एक सवाल ये भी कि क्या तब बिड़ला हाउस के भीतर कोई भी मजे से प्रवेश पा सकता था? क्या उधर आने वालों की कोई छानबीन नहीं होती थी?

अब एक और ‘खास 200’ बनाने जा रहे हैं रोहित शर्मा

रोहित शर्मा के बारे में हर कोई ये कहता है कि उनके लिए चुनौती शुरुआत के 20-25 रन हैं. 20-25 का आंकड़ा पार करने के बाद उनकी बल्लेबाजी का अंदाज बदल जाता है.

नानाजी देशमुख और मान्यवर कांशीराम में भारत का रत्न कौन?

प्रणव मुखर्जी और के.आर नारायणन में कौन? तेंडुलकर और ध्यानचंद में कौन? वी. पी. सिंह को क्यों नहीं?क्या है भारत रत्न का समाजशास्त्र?

पादरी से फायरब्रांड नेता बने ​​​जॉर्ज फर्नांडिस का था विरोधाभासों वाला व्यक्तित्व

पादरी से रक्षा मंत्री बनने तक के सफर में जॉर्ज फर्नांडिस विरोधाभासों से भरे थे. समाजवादी नेता जोकि परमाणु बम के खिलाफ थे बाद में पोखरण II में शामिल रहे.

कैसे सालभर में तीन फैसलों ने एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों का विश्वास डिगा दिया

इन महत्वपूर्ण फैसलों से दलितों के दो सबसे अहम मुद्दे प्रभावित हुए: अत्याचारों से सुरक्षा व पर्याप्त प्रतिनिधित्व. ये दलितों से संविधान में किए वादे के केंद्र में हैं.

वंचितों-पिछड़ों के पक्ष में खड़े होने की कीमत चुकाते तेजस्वी यादव

प्रभावशाली जातियों के वर्चस्व को चुनौती देने का जो जोख़िम मायावती या अखिलेश नहीं उठाते, वह जोख़िम ये युवा नेता उठा रहा है और उसकी कीमत भी चुका रहा है.

रानी लक्ष्मीबाई की वीरता की वो कहानी, जो उनके साथ जलते किले में ब्राह्मण ने बताई

1857 की क्रांति के इस चरण को झांसी के किले में रानी के साथ ही अपनी आंखों से देखने वाले मराठी लेखक विष्णु भट्ट गोडसे ने अपनी किताब में ये सब लिखा है.

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विप्रो ने 250 से अधिक चयनित युवाओं को अब तक काम पर नहीं रखाः एनआईटीईएस

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों की संस्था एनआईटीईएस ने सोमवार को श्रम मंत्री मनसुख मांडविया को...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.