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Saturday, 24 January, 2026
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चौरी-चौरा: एक बहुजन बगावत, जिससे गांधी घबरा उठे थे!

चौरी-चौरा गरीबों और निम्नवर्णीय किसानों-मजदूरों का विद्रोह था, जिसके निशाने पर अंग्रेज बेशक थे, लेकिन ये विद्रोह गांधी और कांग्रेस की जमींदारपरस्त नीतियों के खिलाफ भी था.

मीडिया मुगल सुभाष चंद्रा की विवादास्पद और दिलचस्प ज़िंदगी पर एक नज़र

ज़ी के संस्थापक सुभाष चंद्रा ने पहले भी मुश्किलों का सामना किया है. इस बार उनके लिए मुसीबत ऐसे समय आई जब वह ज़ी टीवी में अपनी हिस्सेदारी का 50 फीसदी अंश बेचने के लिए प्रयासरत हैं.

मोदी सरकार का अंतिम बजट : खोदा पहाड़ निकली चुहिया, रोजगार चाहिए जोश नहीं

मोदी सरकार के अंतिम बजट से अपेक्षाएं आसमान छू रही थीं. हालांकि यह अंतरिम किस्म का बजट होता है मगर इसको लेकर मीडिया में...

आपको चुनौती देना विपक्ष का गुनाह नहीं जिम्मेदारी है प्रधानमंत्री जी!

अभी जो हालात हैं, उसके मद्देनजर प्रधानमंत्री से पूछने का मन होता है कि वे ऐसे जो मुसकुरा रहे हैं, कौन-सा गम है जो छुपा रहे हैं?

मोदी के वो पांच राजनीतिक साहस वाले बड़े काम जो अर्थव्यवस्था के हित में रहे

राजनीतिक अर्थव्यवस्था के मामले में मोदी ने जो पांच सही चीज़ें की हैं वे बताती हैं कि अच्छी अर्थनीति खराब राजनीति ही साबित हो यह जरूरी नहीं.

लेक्चरर-प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए बने राष्ट्रीय विश्वविद्यालय सेवा आयोग

उच्च न्यायपालिका की तरह यूनिवर्सिटीज में भी एक कोलिजियम सिस्टम चलता है, जिसमें प्रोफेसर अपने रिश्तेदारों को प्रोफेसर बना लेते हैं.

सवर्णों की तरह, मैं भी आरक्षण से नफरत करना चाहता हूं!

भारत सरकार द्वारा गरीब सवर्ण आरक्षण बिल की मंजूरी और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति में संस्थान के आधार पर...

मणिकर्णिका में वीरांगना झलकारी बाई महज आइटम सॉन्ग हैं!

लक्ष्मीबाई महिला-पुरुष विभाजन में कमज़ोर पक्ष में खड़ी थीं, लेकिन ब्राह्मण होने के कारण जातियों की सीढ़ी में वे सबसे ऊपर खड़ी थीं. झलकारी बाई एक साथ जाति और जेंडर दोनों विमर्श के हाशिए पर थीं.

औरतों की इस बात पर भारत के ‘महान नायकों’ को धरा जाना चाहिए

किसी राजनेता या कलाकार के बारे में लिखते हुए हम उन्हें आम इंसान से अलग कर देते हैं. ऐसा लगता है कि देश का...

क्यों मायावती के प्रधानमंत्री बनने की संभावना सबसे कम है

‘तीसरे मोर्चे’ के प्रधानमंत्री के चयन के तरीके पर गौर करने से स्पष्ट हो जाता है कि क्यों मायावती के चुने जाने की कोई संभावना नहीं है. मायावती को प्रधानमंत्री बनाने की चर्चा से सिर्फ भाजपा को ही फायदा होगा.

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दिल्ली में सड़क दुर्घटना में छात्र की मौत

नयी दिल्ली, 23 जनवरी (भाषा) दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के मोदी मिल फ्लाईओवर पर शुक्रवार को एक सड़क दुर्घटना में मोटरसाइकिल सवार 24 वर्षीय विधि छात्र...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.