कांग्रेस के सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने से सबसे बड़ा नुकसान ये है कि जो मतदाता सपा-बसपा छोड़कर इसकी ओर आना चाहता है, वह फिर से इन्हीं दलों में उलझकर रह जाएंगे. कांग्रेस के स्वतंत्र विकास में इससे अड़चन आएगी.
कांग्रेस की समस्या यह है कि सवर्ण और उसमें भी मुख्य रूप से ब्राह्मण उसे वोट नहीं देते लेकिन पार्टी वही चला रहे हैं. इसलिए पार्टी अब ओबीसी के पास जा रही है, पर क्या ओबीसी उसके पास आएंगे?
आदर्श आचार संहिता लागू होने के पहले मध्य प्रदेश में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के अध्यादेश को राज्यपाल से मंजूरी दिलाकर कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह फ्रंटफुट पर खेलने को तैयार है.
हाल के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तीर उतने निशाने पर नहीं लगे जैसे ‘सूट-बूट वाली सरकार’ का तंज़ निशाने पर लगा था, उन्हें बेरोज़गारी का मुद्दा उठाना चाहिए.
समझाने-बुझाने और खौफ पैदा करने की रणनीति ही सबसे अच्छी और अनिवार्य है. लेकिन इसके लिए आपमें दंड देने की वह क्षमता होनी चाहिए जिससे पाकिस्तान डरे और कोई दुस्साहस करने से बाज आए
लोकतंत्र की ‘रेटिंग’ करना एक जोखिम भरा काम है. मैं केवल इस सीधी-सी कसौटी को लागू करता हूं—कहां सबसे शांतिपूर्वक तथा सामान्य ढंग से राजनीतिक सत्ता का निरंतरता के साथ बदलाव होता रहा है.