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Monday, 6 April, 2026
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भीमा-कोरेगांव से चिढ़ और सारागढ़ी से प्यार! इस धूर्तता का सिरा कहां?

भीमा-कोरेगांव की 200वीं वर्षगांठ पर जिन्होंने कहा कि महार सैनिकों ने अंग्रेजों के पक्ष में लड़ाई की थी, वही सारागढ़ी में सिख सैनिकों की बहादुरी को सलाम करते हैं.

आरएसएस के लिए 2019 का चुनाव वाम कट्टरपंथ को हराना है

आरएसएस 2019 लोकसभा चुनाव को उस कठिन संघर्ष के रूप में देख रहा है जो लेफ्ट के साथ उसकी विचारधारा की लड़ाई पर बड़ा प्रभाव डालेगा.

वादों की तहकीकात: नहीं चली बुलेट ट्रेन, महंगे हुए किराए

बीजेपी के घोषणा पत्र और उस पर अमल के बीच का सबसे बड़ा फासला रेलवे में दिखा. ज्यादातर बड़े वादों को पूरा करने के लिए काम नहीं किया गया.

चुनाव लड़ने से इन्कार क्यों कर रहे हैं बीजेपी के दिग्गज

आखिर क्या कारण है कि जिस नरेन्द्र मोदी के फिर से प्रधानमंत्री बनने की बात जोर-शोर से हो रही है उनकी पार्टी बीजेपी अपनी जीती हुई सीटों पर चुनाव नहीं लड़ पा रही है?

मोदी के बाद कौन : क्या अमित शाह के नेतृत्व में भाजपा लड़ेगी 2024 का लोकसभा चुनाव

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह जन नेता के रूप अपनी पहचान बनाने की दिशा में लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं.

दिग्विजय सिंह के भोपाल से लड़ने से क्या वाराणसी की तरह हो जाएगी यह लोकसभा सीट

मध्य प्रदेश की यह सीट बीजेपी का गढ़ मानी जाती है. पार्टी ने यहां से लगातार आठ बार जीत दर्ज कर इसे अपनी परंपरागत सीट बना लिया है.

मोदी सरकार ने गन्ना किसानों की जिंदगी में कितनी मिठास घोली

गन्ना एक्ट में तो ये भी दर्ज है कि 14 दिन में भुगतान न होने पर चीनी मिल को 14 से 16 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करना होगा.

आखिर क्यों घट गई है निवेश की मांग, क्या इसका कारण विफलता नहीं सफलता है?

निवेश की मांग में निरंतर जो सुस्ती बनी हुई है उसके पीछे विफलता नहीं बल्कि सफलता का हाथ हो सकता है, जिसने सकल आर्थिक वृद्धि को भी प्रभावित किया है?

आदिवासियों के लिए लोकसभा चुनाव में क्या हैं अहम मुद्दे

यह समझने की जरूरत है कि आदिवासी इलाकों की राजनीति के मुद्दे देश के अन्य इलाकों से भिन्न होते हैं. आदिवासी राजनीतिक से ज्यादा, अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं.

राहुल की कांग्रेस का एक दिशाहीन एनजीओ में तब्दील होने का ख़तरा है

कांग्रेस के पास सवाल तो हैं, मगर सवालों के जवाब नहीं हैं, 'नेता' हैं मगर विजेता नहीं हैं. चुनाव के चंद सप्ताह पहले वह एक सदाचारी, व्यवस्था विरोधी एनजीओ की तरह पेश आ रही है, जो बस अपना फर्ज़ निभाने से मतलब रखता है.

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रोहिणी में दिल्ली पुलिस की अधिकारी ने बुजुर्ग दुकानदार को थप्पड़ मारा, प्राथमिकी दर्ज

नयी दिल्ली, पांच अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस की एक महिला उपनिरीक्षक के खिलाफ रविवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। सूत्रों के मुताबिक उन...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.