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Saturday, 14 March, 2026
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नदियां किसी की बपौती नहीं होती, इन पर मालिकाना हक नहीं हो सकता

भारत ने मात्र 0.53 मिलियन एकड़ फीट पानी को रोका है जोकि मामूली है और ये तीनों नदियों का पानी समझौते के अनुसार भारत ही उपयोग करता रहा है.

सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होना कांग्रेस के लिए घाटे का सौदा

कांग्रेस के सपा-बसपा गठबंधन में शामिल होने से सबसे बड़ा नुकसान ये है कि जो मतदाता सपा-बसपा छोड़कर इसकी ओर आना चाहता है, वह फिर से इन्हीं दलों में उलझकर रह जाएंगे. कांग्रेस के स्वतंत्र विकास में इससे अड़चन आएगी.

अयोध्या कवरेज पर सर्वोच्च न्यायलय ने मीडिया पर लगाई रोक, पर भाजपा को इसे भुनाने से कौन रोक पाएगा

अयोध्या विवाद में मध्यस्थता के आदेश से कुछ भी हल नहीं निकलेगा सिवाय इसके कि भाजपा वोट हासिल करने के लिए भावनाओं के साथ खेले.

बदल रही है कांग्रेस, जिसे नहीं देख पाए राजनीतिक विश्लेषक

कांग्रेस की समस्या यह है कि सवर्ण और उसमें भी मुख्य रूप से ब्राह्मण उसे वोट नहीं देते लेकिन पार्टी वही चला रहे हैं. इसलिए पार्टी अब ओबीसी के पास जा रही है, पर क्या ओबीसी उसके पास आएंगे?

कांग्रेस ने ओबीसी की सबसे बड़ी मांग पूरी कर दी

आदर्श आचार संहिता लागू होने के पहले मध्य प्रदेश में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के अध्यादेश को राज्यपाल से मंजूरी दिलाकर कांग्रेस ने संकेत दिया है कि वह फ्रंटफुट पर खेलने को तैयार है.

यूपी में कांग्रेस को साथ लेना सपा-बसपा के लिए आत्मघाती होगा

कांग्रेस की रणनीति यह है कि इन दलों को हरा नहीं पा रही है तो गठबंधन के बहाने ही कुछ सीटें इनसे झटक ली जाएं, ताकि केंद्र में इन दलों की ताकत बढ़ न पाए.

मोदी सरकार ने जो लाभ उठाने का मौका राहुल गांधी को दिया, खतरा है कि वो उसको गंवा दें

हाल के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के तीर उतने निशाने पर नहीं लगे जैसे ‘सूट-बूट वाली सरकार’ का तंज़ निशाने पर लगा था, उन्हें बेरोज़गारी का मुद्दा उठाना चाहिए.

मोदी ने 1 तीर से किया ‘आत्मघाती पाक जनरल’ और ‘एटमी धमकी’ का शिकार

पाकिस्तान मिलिट्री जिस इस्लामिक सिद्धांत की अकड़ दिखाती आई है, मेरे हिसाब से प्रधानमंत्री मोदी के पास उसे लेकर व्यवहारिक बुद्धि और ज़रूरी समझ है.

पाकिस्तान नहीं चाहता आतंकवाद खत्म हो, इसलिए वह मुशर्रफ़ के नक्शे कदम पर चला

संभव है जनरल बाजवा के इरादे सही हों और इमरान ख़ान उदारवादी हों, पर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान के रवैये में पूर्ण बदलाव की संभावना बहुत कम है.

90-घंटे के भारत-पाकिस्तान युद्ध में उठा सबसे बचकाना सवाल, कितने आदमी थे?

समझाने-बुझाने और खौफ पैदा करने की रणनीति ही सबसे अच्छी और अनिवार्य है. लेकिन इसके लिए आपमें दंड देने की वह क्षमता होनी चाहिए जिससे पाकिस्तान डरे और कोई दुस्साहस करने से बाज आए

मत-विमत

भारत के पड़ोस में जनांदोलनों के बाद शांतिपूर्ण सत्ता परिवर्तन लोकतंत्र की मजबूती की मिसाल है

लोकतंत्र की ‘रेटिंग’ करना एक जोखिम भरा काम है. मैं केवल इस सीधी-सी कसौटी को लागू करता हूं—कहां सबसे शांतिपूर्वक तथा सामान्य ढंग से राजनीतिक सत्ता का निरंतरता के साथ बदलाव होता रहा है.

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पंजाब: पुलिस ने आईएसआई समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया, दो लोग गिरफ्तार

चंडीगढ़, 14 मार्च (भाषा) पंजाब पुलिस ने शनिवार को आईएसआई प्रायोजित आतंकी और हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने का दावा करते हुए दो...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.