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Monday, 2 February, 2026
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बलूचिस्तान में ट्रेन हाइजैक पाकिस्तानी फौज के लिए अच्छी खबर, इस बहाने वह दबाव बढ़ा सकती है

हाल के वर्षों में बलूचिस्तान में कई नए लोकतांत्रिक आंदोलन हुए हैं. पाकिस्तानी सेना यह तो नहीं चाहेगी कि कोई नई बगावत फूटे. हालांकि, अपनी ताकत को चुनौती दिए जाने की जगह वह इसे ही पसंद करेगी.

तमिलनाडु की द्रविड़ पार्टियां देश को बंधक बना रही हैं, भारत को तीन-भाषा नीति की ज़रूरत

तीन-भाषा नीति का डीएमके द्वारा विरोध राष्ट्र पर पार्टी को प्राथमिकता देने का उदाहरण है. शायद अब वक्त आ गया है कि पार्टी को कत्थक पर गर्व होना चाहिए, जैसा कि हम उत्तर भारतीय भरतनाट्यम पर करते हैं.

भारतीय मुसलमानों को उलेमा से आज़ादी चाहिए. रोज़ा न रखने पर कोई मौलवी शमी को अपराधी नहीं कह सकता

रमज़ान के दौरान रोज़ा न रखने पर किसी मुल्ला ने मोहम्मद शमी की जो निंदा की उसका ताल्लुक मजहब से कम, और धर्मशास्त्र की सत्ता और इससे पैदा होने वाली टकराव की विचारधारा से ज्यादा है.

ट्रंप से बाइडेन तक—कई US राष्ट्रपति मानसिक बीमारियों से जूझे, समस्या संभालने का काम एलीट क्लास ने किया

1776 से 1974 के बीच, हर तीन में से एक अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के दौरान गंभीर अवसाद, शराब की लत के लक्षण दिखाए.

कूटनीति या कमज़ोरी: भारतीय सेना की वास्तविक स्थिति को उजागर करता यह कॉलम…

राजीव गांधी को बोफोर्स आदि के लिए कोसना फैशन बन गया है लेकिन सच यह है कि हमारे इतिहास में सिर्फ 1985-89 वाला दौर ही ऐसा था जब हथियारों की खरीद भविष्य के मद्देनजर आगे बढ़कर की गई.

यूनाइटेड स्टेट ऑफ साउथ इंडिया: डिलिमिटेशन के खिलाफ स्टालिन की मुहिम तमिलनाडु से कहीं आगे की है

स्टालिन ने जो संयुक्त कार्रवाई समिति का प्रस्ताव रखा है, वह सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है. यह परिसीमन पर उत्तर बनाम दक्षिण के बड़े राजनीतिक टकराव का केंद्र बन सकता है.

जमीन बेचने पर पाबंदियों से उत्तराखंड के किसान फायदे में रहेंगे या जाल में फंस जाएंगे?

नया कानून भूमि संरक्षण और स्थानीय हितों को प्राथमिकता तो देगा लेकिन आर्थिक वृद्धि तथा निवेश की गति को कमजोर करेगा.

हिंदी पर सियासी विवाद स्टालिन और बीजेपी के लिए फायदेमंद है, लेकिन तमिल वासियों के लिए नहीं

स्टालिन राजनीति कर रहे हैं और तमिलनाडु में पुराने हिंदी विरोध को फिर से उभारने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार क्यों इसमें फंस रही है?

नेपाल के साथ भारत की ‘सब कुछ या कुछ नहीं’ की नीति काम नहीं करेगी, सैन्य संबंध को मजबूत बनाना होगा

नेपाल के प्रति अपना रुख तय करते वक़्त भारत को यह ख्याल रखना होगा: ऐसा कोई गहरा कदम न उठाए जिसे दखलंदाजी माना जाए, और न पूरी तरह से हाथ झटक लिया जाए.

ट्रंप रातों-रात सहयोगियों से अलग नहीं हो सकते. अमेरिका की ग्लोबल ऑर्डर में जड़ें काफ़ी मज़बूत हैं

रूस और चीन जैसे अमेरिका के विरोधी यह सोचकर उत्साहित हैं कि अगर अमेरिका अपनी वैश्विक भूमिका से पीछे हटता है तो उसे फायदा होगा. खासतौर पर चीन अपने इलाके और शायद पूरी दुनिया में नेता बनने के लिए बहुत उत्सुक है.

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केरल ने जल जीवन मिशन के तहत केंद्र के हिस्से से अधिक खर्च किया : राजस्व मंत्री राजन

तिरुवनंतपुरम, दो फरवरी (भाषा) केरल के राजस्व मंत्री के. राजन ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि हर घर नल से जल प्रदान...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.