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Friday, 20 March, 2026
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कांग्रेस सड़क के बीच खड़ी हो गई है, जहां दुर्घटना का सबसे ज़्यादा खतरा है!

कांग्रेस को ये समझने की जरूरत है कि एक साथ एससी, एसटी और ओबीसी की विशाल आबादी के साथ वह कट्टर सवर्ण आबादी को नहीं साध सकती. बीच में फंसने का भारी खतरा है.

जब तक बराबरी की चाहत है, तब तक याद किए जाएंगे मार्टिन लूथर किंग

किंग ने ऐसी दुनिया का सपना देखा था जहां रंग या नस्ल या किसी भी और आधार पर इंसानों के बीच भेदभाव न हो. वह सपना आज भी तमाम आंदोलनों की प्रेरणा है.

कांग्रेस का घोषणापत्र गलत वक्त पर पेश हुआ एक सही दस्तावेज़ है: योगेंद्र यादव

राहुल गांधी ने पांच मुख्य बिन्दु गिनाये हैं जिसमें गरीबी, कृषि-संकट, बेरोजगारी, स्वास्थ्य तथा भय का चौतरफा माहौल ऐसे मुद्दे हैं, जिससे राष्ट्र को निपटना है.

जम्मू में लाल सिंह के बगावती तेवर बिगाड़ सकते हैं खेल, दुविधा में भाजपा

जम्मू में भाजपा अपने ही नेता लाल सिंह की बगावत को लेकर दुविधा में है. वे अपनी अलग पार्टी बना चुके है पर उन्होंने अभी तक पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है और पार्टी के अधिकृत उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं.

गरीबों का न्यूनतम आय गारंटी योजना पर भरोसा बढ़ाने के लिए कांग्रेस 3 बातें स्पष्ट करे

वैसे तो प्रतिमाह 6,000 रुपए आय गारंटी की कांग्रेस की योजना महत्वाकांक्षी है, पर सर्वाधिक 20 प्रतिशत गरीब परिवार कैसे चिन्हित हों इसको लेकर स्पष्टता नहीं है.

क्या राजस्थान में कांग्रेस अपनी ज़मीन बचा पाएगी? मुश्किल है

मोदी के प्रति लोगों के विश्वास में कमी ज़रूर आई है, लेकिन पुलवामा हमले और बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद हवा का रुख फिर बदलता लग रहा है.

कांग्रेस की नीतियां बदल रही हैं, लेकिन चुपके-चुपके

वंचित वर्ग के लिए अलग रणनीति और नए तेवर के साथ उतरी कांग्रेस. लेकिन क्या वो ये बात मतदाताओं तक पहुंचा पाएगी?

उर्मिला मातोंडकर को बलि का बकरा बना रही है कांग्रेस पार्टी ?

क्या उर्मिला मातोंडकर बीजेपी के गढ़ में कांग्रेस की विजय पताका फहरा पाएंगी. इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर फिल्म स्टार गोविंदा ने 2004 में राम नाईक को हराया था.

लोकसभा चुनाव 2014 के मुद्दों को कौन चुरा ले गया?

पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने देश को उम्मीदों की सवारी कराई थी. तमाम तरह के वादे और दावे किए गए थे. आश्चर्यजनक है कि बीजेपी आज उन मुद्दों की बात नहीं कर रही है.

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ईरान युद्ध भारत के लिए दिशा सुधारने का संकेत है, नौसेना को आगे आना चाहिए

भारतीय नौसेना हमेशा से भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय कूटनीतिक और अन्य संपर्क प्रयासों को समर्थन देने में सबसे आगे रही है. अब आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाने का समय आ गया है.

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भारत की जैव अर्थव्यवस्था का मूल्य 2025 तक 18 प्रतिशत बढ़कर 195 अरब डॉलर : रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 20 मार्च (भाषा) भारत की जैव अर्थव्यवस्था का मूल्यांकन 2025 में 195 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया। यह जैव प्रौद्योगिकी से...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.