उत्तर प्रदेश में ब्राह्मणों के पास तीन विकल्प हैं. या तो बीजेपी के साथ बनें रहें या कांग्रेस में विकल्प तलाशें. तीसरा विकल्प है कि जिस भी पार्टी का मजबूत ब्राह्मण कैंडिडेट हो, उसका समर्थन करें.
अंग्रेजी राज के समय से ही जनांदोलनों में मुकदमा होना या निचली अदालतों में सजा हो जाना कोई दुर्लभ बात नहीं है. निचली अदालतों के आदेश के आधार पर चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाने के कानून पर राष्ट्रीय बहस होनी चाहिए.
आम्बेडकर की आत्मकथा के बारे में जानिए जो उन्होंने 1935-36 में लिखी. यह कोलंबिया विश्विद्यालय में पढ़ाई जाती है और उसके बारे में भारत में काफी कम चर्चा हुई.
बी.पी. मंडल की अध्यक्षता में लिखी गई रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार की नौकरियों में पिछड़े वर्गों को 27 परसेंट आरक्षण मिला. जिसे मंडल कमीशन के लोकप्रिय नाम से जाना जाता है.
भारतीय नौसेना हमेशा से भारत की राजनीतिक सीमाओं से परे, राष्ट्रीय कूटनीतिक और अन्य संपर्क प्रयासों को समर्थन देने में सबसे आगे रही है. अब आगे बढ़कर ज़िम्मेदारी उठाने का समय आ गया है.
नयी दिल्ली, 21 मार्च (भाषा) केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 पेश करेंगे जिसका...