कुछ दलों को मिल रहे अनुचित फायदे को रोकने के लिए चुनाव आयोग को एक दिन में या यथासंभव न्यूनतम अवधि में चुनाव संपन्न कराने का लक्ष्य निर्धारित करना होगा.
अशोक लवासा ने चुनाव आयोग की बैठकों से तब तक के लिए खुद को अलग कर लिया है, जब तक कि आयोग उनकी विसम्मति वाली राय को सार्वजनिक करने की मांग को मान नही लेता हो.
बीजेपी अपनी उग्रता लगातार बढ़ा रही है और उसे स्वीकार्यता दिलाने में लगी है. उसने वाजपेयी से आडवाणी, मोदी और योगी तक की यात्रा की है. पहली बार वह आतंकवादी के अभियुक्त को चुनाव लड़ा रही है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण चुनाव जीतने की संभावना बढ़ाने के लिए किया गया लगता है, लेकिन एक बड़ा कानूनी सवाल है: क्या इससे उन पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?