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Monday, 23 March, 2026
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राम रहीम की पैरोल अर्ज़ी पर इतना हंगामा क्यों, यह तो न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है

पैरोल किसी भी अपराध के लिये सज़ा पाने वाले अपराधी का अधिकार है और अपराधी को पैरोल पर रिहा करने का निर्णय प्रशासन के विवेक पर निर्भर करता है.

मुसलमानों को नरेंद्र मोदी के वादों को किस तरह देखना चाहिए?

अगर अल्पसंख्यक खुले मन से सरकार के साथ बातचीत और संवाद में जाते हैं तो इसके बाद का दारोमदार बीजेपी और प्रधानमंत्री मोदी पर होगा कि संसद के सेंट्रल ह़ॉल में कही गई अपनी बातों और वादों पर खरे उतरें.

लोहिया और आंबेडकर के सपनों को क्या पूरा कर पाएंगे अखिलेश?

लोकसभा चुनाव के दौरान यूपी में दलितों ने 25 साल बाद साइकिल चुनाव चिह्न पर वोट डाला है. सपा और दलितों के बीच की कड़वाहट घटी है. क्या अखिलेश इस समय दलितों की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाएंगे?

कबीर सिंह: प्रेम नहीं, सामंती ‘मर्दाना कुंठा’ का बेशर्म मुज़ाहिरा है

दरअसल, 'कबीर सिंह' कोई प्रेम कहानी नहीं है, यह समाज में चारों तरफ पसरी सामंती मर्द यौन कुंठाओं का शोषण और उसकी बिक्री है!

मोदी अकेले नहीं, दुनिया भर में दक्षिणपंथी लोकप्रिय अधिनायकों का दौर

दक्षिणपंथी अधिनायकवाद की एक प्रवृत्ति ये भी है कि वो समर्थन तो वंचितों से लेता है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करता. धार्मिक उन्माद दक्षिणपंथी अधिनायकवाद का हथियार है.

आरक्षण के खिलाफ क्यों बोलने लगे हैं दलित नेता

अगर आरक्षण को खत्म करने की बात अगर कोई सवर्ण करेगा तो जनाक्रोश फैल सकता है. जबकि अगर कोई दलित-वंचित पहचान वाला नेता आरक्षण को खत्म कर देने की बात करे तो आरक्षित वर्गों के भीतर कई तरह की प्रतिक्रयाएं होने लगती हैं.

भारत में चुनाव सुधार के लिए जर्मनी से कुछ सबक

भारत में भी समानुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के जरिए प्रतिनिधियों का चुनाव होना चाहिए, या फिर जर्मनी की तरह मिली-जुली प्रणाली अपनाई जानी चाहिए.

परिजन हिताय, परिजन सुखाय की नीति पर चली बसपा

भाई और भतीजे को पार्टी नेतृत्व में लाते समय मायावती शायद भूल गयीं कि पिछली बार अपने भाई को पद से हटाते समय उन्होंने घोषणा की थी उनके परिवार का कोई भी सदस्य बसपा में कोई भी पद नहीं संभालेगा.

तेजस्वी के गायब होते ही बिहार में यादव वंश अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा है

तेजस्वी के रुख से राजद नेता परेशान हैं और कई विधायक पहले से ही बातचीत कर रहे हैं कि कब और कैसे भाजपा और जेडी (यू) में शामिल हुआ जाए.

एक आर्थिक संकट आया नहीं कि मोदी-शाह की भाजपा इंदिरा गांधी की 1977 वाली हालत में होगी

देश एक अनिश्चित भविष्य की राह पर है, भले ही इसका अतीत पुनर्निर्मित किया जा रहा हो. मोदी-शाह को कांग्रेस पर प्रहार और हिंदुत्व से आगे सोचना पड़ेगा.

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देश

विपक्षी सांसदों और कार्यकर्ताओं ने सरकार से ट्रांसजेंडर विधेयक वापस लेने की मांग की

नयी दिल्ली, 22 मार्च (भाषा) विपक्षी सांसदों और तृतीय लिंग अधिकार कार्यकर्ताओं ने रविवार को सरकार से ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.