यह मनोज कुमार पर स्मृतिलेख नहीं है बल्कि यह बताने की कोशिश है कि उन्होंने 1962 में चीन के साथ लड़ाई से लेकर 1975 में इमरजेंसी तक के हमारे सबसे संकटग्रस्त दौर में भारतीयों की दो पीढ़ियों के लिए देशभक्ति को परिभाषित करने में क्या भूमिका निभाई.
धारा 40 के तहत, वक्फ बोर्ड के पास यह निर्धारित करने के लिए स्वप्रेरणा से जांच शुरू करने का अधिकार है कि कोई संपत्ति वक्फ है या नहीं — यह एक अनूठी शक्ति है.
मोदी ट्रंप के शब्दों और कार्यों से अपनी सार्वजनिक छवि को धूमिल नहीं होने दे सकते. राजनीति को अलग रखें तो अमेरिकी राष्ट्रपति की मांगों पर सहमत होने का मतलब होगा ठेंगड़ी के विचारों को नकारना.
केवाईसी का काम तीसरे पक्ष से करवाना भी एक मसला है, क्योंकि वे बिना सोचे-समझे ग्राहकों से दस्तावेज़ मांगने के संदेशों की बमबारी करने के लिए जाने जाते हैं.
भारत को क्षेत्रीय मसलों के सैन्य समाधान के लालच से बचना ही होगा. अपने हितों को आगे बढ़ाने के लिए इसकी जगह उसे आर्थिक समझौतों, कूटनीतिक प्रयासों और अपने ‘सॉफ्ट पावर’ का उपयोग करना चाहिए.
कश्मीर ने 2019 में अपना विशेष दर्जा खो दिया, उसके बाद से अब तक अवामी एक्शन कमिटी और इत्तिहादुल मुसलमीन प्रतिबंध से बचा हुआ था क्योंकि नई दिल्ली इस उम्मीद में थी कि इसके नेता अपने समर्थकों को लोकतांत्रिक राजनीति की ओर मोड़ लेंगे.
ट्रंप जबकि गोली दागने की धमकी दे रहे हैं, अपनी पीठ खुद ठोकने में व्यस्त भारतीय सत्ता-तंत्र को सुर्खियां बनवाने के मोह से छुड़ाने के लिए ऐसी ही धमकी की जरूरत थी.
मुंबई, दो फरवरी (भाषा) विपक्षी शिवसेना (उबाठा) ने सोमवार को दावा किया कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री...