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Thursday, 26 February, 2026
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क्या इस संघर्ष से पाकिस्तान में खौफ पैदा करने का मकसद पूरा कर पाया भारत?

दुश्मन में खौफ पैदा करना और उसे सज़ा देना इस बात पर निर्भर करता है कि जिन पर हम प्रभाव डालने की कोशिश कर रहे हैं उन पर कितना प्रभाव पड़ा है. मुश्किल यह है कि हम यह निश्चित रूप से नहीं जान सकते कि वह मनोवैज्ञानिक प्रभाव डालने के लिए कितना नुकसान पहुंचाना ज़रूरी है.

पाकिस्तानी सेना के लिए युद्ध उसकी राष्ट्र पहचान है. सीज़फायर का उल्लंघन नए विवादों की आहट है

भारत को जो लक्ष्य हासिल करना चाहिए, वह है पाकिस्तान को एक नया रूप देना, न कि वह देश जैसा उसके जनरलों और मौलवियों ने कल्पना की है. गुस्से के शब्द और क्रोध की लहरें काफी नहीं होंगी.

आसिम मुनीर के दिमाग में क्या चल रहा है?

कश्मीर में जो सामान्य स्थिति बहाल हुई है उसे, मुनीर के मुताबिक, उलटना जरूरी था. पहलगाम कांड की तैयारी उनके भाषण और इस हमले के बीच के एक सप्ताह में तो नहीं ही की गई, इसमें कई महीने नहीं तो कई सप्ताह जरूर लगे होंगे.

जनरल मुनीर की असली जंग LoC पर नहीं, पाकिस्तान के भीतर है—और वे हार रहे हैं

खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में वास्तविक राजनीतिक प्रतिरोध का सामना करते हुए, पाकिस्तानी सेना की रणनीति पूरी तरह ध्वस्त होने के कगार पर है. भारत को इस अवसर को पहचानना चाहिए.

योगी, फडणवीस, गडकरी को झटका—जाति जनगणना बदलेगी पीएम मोदी के उत्तराधिकारी के चयन का पैमाना

यह समझ से परे है कि भाजपा जब भारत की सबसे मज़बूत पार्टी की स्थिति में है, तब वह जाति जनगणना जैसे विघटनकारी कदम को क्यों उठाए. अगर राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेता ऐसी विघटनकारी राजनीति करते हैं, तो बात समझ में आती है. वे भाजपा के राजनीतिक प्रभुत्व को तोड़ने के लिए बेताब हैं, लेकिन भाजपा क्यों?

भारत-पाकिस्तान तकरार बढ़ाने वाली सीढ़ी पर पैर रख चुके हैं, उतरने का मुकाम कब आएगा

पहलगाम इस संघर्ष की सीढ़ी का पहला पायदान है. गतिशील कार्रवाई का मतलब है कि अपना संदेश देने के लिए सैन्य ताकत का इस्तेमाल किया जाएगा; भारत ने 6/7 मई की रात उस सीढ़ी पर कदम रख दिया था.

ऑपरेशन सिंदूर के बाद, भारत को बांग्लादेश पर भी नज़र क्यों रखनी चाहिए

भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच, बांग्लादेश ने सैन्य अभ्यास, आकाश बिजॉय 2025 सहित कई असामान्य रणनीतिक उपाय किए हैं.

ट्रंप गलतफहमी में हैं—ये कोई सदियों पुराना युद्ध नहीं, बल्कि आतंक के खिलाफ कार्रवाई है

भले ही ट्रंप को इस क्षेत्र के इतिहास की जानकारी न हो, लेकिन उनकी टिप्पणी कोई हंसी-मज़ाक वाली बात नहीं है. वे संक्षेप में बताते हैं कि पश्चिमी देश भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के तनाव को किस तरह देखते हैं.

ऑपरेशन सिंदूर के साथ जुड़े ‘सरप्राइज़’, शो, साहस और संयम के पहलू

पाकिस्तान में और भारत में भी सबको पता था कि सवाल यह नहीं था कि हमले किए जाएंगे या नहीं बल्कि यह था कि वह कब किए जाएंगे. मोदी सरकार ने इन 14 दिनों का इस्तेमाल यह जताने के लिए किया कि उसे कोई हड़बड़ी नहीं है.

ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई ‘अंत’ नहीं बल्कि एक लंबी लड़ाई की दस्तक है

हमें जैसे को तैसा वाले जवाब के लिए तैयार रहना चाहिए. पूरे देश में नागरिक सुरक्षा के अभ्यास लोगों को खतरों के बारे में आगाह कर सकते हैं.

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IDFC FIRST Bank धोखाधड़ी क्रेडिट क्वालिटी की कहानी नहीं, यह गवर्नेंस के बारे में है

जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.

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