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Sunday, 8 March, 2026
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मत-विमत

हवाई चप्पल वालों को हवाई यात्राएं कराने वाली कंपनियां तबाह क्यों?

तेजी से बढ़ रहे भारतीय बाजार पर कब्जा जमाने के लिए विमान कंपनियां आपस में गलाकाट प्रतिस्पर्धा कर रही हैं. और ये ऐसे समय में हो रहा है, जब अर्थव्यवस्था के ज्यादातर क्षेत्र मंदी का सामना कर रहे हैं.

सरकारों की बेरुखी के कारण सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी मॉब लिंचिंग रोकने में नाकाम

हाल की घटनाओं से ऐसा लगता है कि राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में जहां केन्द्र ने इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है वहीं राज्य सरकारों का रवैया भी ढुलमुल रहा है.

आख़िर क्यों बांग्लादेश के ख़िलाफ़ आसान मैच हो गया टीम इंडिया के लिए सबसे मुश्किल

फिलहाल भारतीय टीम के खाते में 5 जीत है और बांग्लादेश के खाते में 3, लेकिन ये भी सच है कि बांग्लादेश की टीम ने इस विश्व कप में कमाल की क्रिकेट खेली है.

ओबीसी के बंटवारे को भूल जाइए, बीजेपी ने बदल लिया रुख

बीजेपी अब तक जिन ओबीसी जातियों पर पूरा ओबीसी आरक्षण खा लेने का आरोप लगाती थी, उनमें से लगभग सभी जातियां बीजेपी को वोट देने लगी हैं. ऐसे में ओबीसी का बंटवारा करके बीजेपी इनका समर्थन क्यों खोना चाहेगी?

अरुण जेटली ने जीएसटी के दो साल पूरा होने पर ब्लॉग लिखकर बताई इसकी कामयाबी

पूर्व वित्तमंत्री ने कहा- अपनी राजनीतिक परिस्थितयों के बावजूद राज्यों के वित्तमंत्रियों ने उच्च स्तर की राजनीतिक जिम्मेदारी और परिपक्वता के साथ काम किया.

आर्टिकल-15 लागू कराने के लिए एक आईपीएस क्यों चाहिए, क्या कहते हैं आंबेडकर

आर्टिकल-15 की सबसे बड़ी समस्या ये है कि यह फिल्म जाति समस्या का समाधान संविधान में देखती है. लेकिन क्या संविधान या कोई भी कानून दो लोगों या समूहों के बीच भाईचारा स्थापित कर सकता है?

दिल्ली यूनिवर्सिटी में एडमिशन की मारामारी का क्या हो सकता है इलाज

डीयू में अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला दिलवाना है तो एक पहल करनी होगी. उसके बाद यहां पर हर कॉलेज में सीटों में भारी बढ़ोत्तरी हो जाएगी.

वह कानून जिसकी वजह से बच्चे नहीं छीन सकते बुजुर्ग माता-पिता का हक

संपन्नता की सीढ़ियों पर आगे बढ़ रहे पुत्र-पुत्रियों, बहुओं और दामादों के आचरण के कारण आज घर की चारदीवारी के भीतर के विवाद अदालतों में पहुंचने लगे हैं.

क्या बहुजन समाज कभी शासक बन पायेगा ?

सदियों से शोषण करने वाला और शोषित समुदाय अब सब भूलकर एक साथ थे. मीडिया, समाचार पत्र और शैक्षिक प्लेटफार्माें पर प्रशंसा कम और आलोचना ज्यादा हुई.

आर्टिकल 15 में आपको वो लोग दिखेंगे जो होते तो आपके सामने हैं लेकिन ‘दिखाई’ नहीं देते

जब आप फिल्म देखेंगे तो पता चलेगा कि दलित नेताओं संग ऐसा क्या-क्या होता है कि उनकी कहानियां मुख्यधारा का हिस्सा नहीं बन पातीं या शुरू होते ख़त्म हो जाती हैं.

मत-विमत

ईरान का संघर्ष भारत तक पहुंचा, मुसलमानों से फिर देशभक्ति साबित करने की मांग

जो भी सच में सच्चाई जानना चाहता है, वह आसानी से उन कई घटनाओं को देख सकता है—कश्मीर से लेकर लखनऊ तक, जहां भारतीय मुसलमान आतंकवादी हमलों के खिलाफ सबसे आगे खड़े होकर आवाज़ उठाते रहे हैं.

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राजनीति

देश

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का भारतीय, अन्य इस्पात बाजारों पर पड़ेगा असर: बिगमिंट

नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) बिगमिंट रिसर्च के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के कारण ईंधन की लागत बढ़ रही है, जिससे...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.