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Thursday, 29 January, 2026
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जेन-Z आंदोलन के बाद फिर पुरानी राजनीति, नेपाल की पार्टियां ‘स्टार्टिंग पॉइंट’ पर लौटीं

एक स्थिर नेपाल के लिए आगे का रास्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, समावेशी संवाद के जरिए राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करने और कानून के शासन को बनाए रखने में है.

ईरान के विद्रोह ने क्यों बेनकाब की लिबरल राजनीति की उलझन

ईरान में हो रहे विद्रोह इतने बड़े हैं कि उन्हें नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता, लेकिन यह सवाल ज़रूर उठता है: इसमें इतना समय क्यों लगा?

BJP के मुख्यमंत्री चुनावी जीत से गलत सबक ले रहे हैं

बीजेपी के मुख्यमंत्रियों में क्या गलत हो गया है? कई मुख्यमंत्रियों की ढीली-ढाली सरकार इस सोच से निकलती है कि चुनावी जीत तीन ‘एम’ की वजह से मिली—मोदी, बहुसंख्यकवाद और पैसा.

ट्रंप 1991 के बाद अमेरिका की बनाई दुनिया को बिखेर रहे हैं. वह दूसरी महाशक्ति को स्वीकार नहीं करते

मल्टीपोलैरिटी की तमाम बातों के बावजूद, डॉनल्ड ट्रंप जानते हैं कि दुनिया अभी भी यूनिपोलर है और वे बिना किसी दिखावे के अपनी ताकत दिखा रहे हैं.

मुस्तफिज़ुर मामला: KKR का फैसला पाकिस्तान बहिष्कार से तुलना करने जैसा नहीं

मुस्तफिज़ुर रहमान बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे थे; वह कोलकाता का प्रतिनिधित्व कर रहे थे. सिर्फ उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर उन्हें अलग करना चुनिंदा और सुविधाजनक नैतिक तर्क को दिखाता है.

डेमोग्राफी के नाम पर J&K का मेडिकल कॉलेज बंद कराया गया. हिंदू भी हो सकते हैं अल्पसंख्यक

यह घटना एक असहज लेकिन संवैधानिक रूप से सामान्य बात को सामने लाती है: जम्मू-कश्मीर में हिंदू अल्पसंख्यक हैं. उनकी सुरक्षा क्षेत्रीय है, न कि "सभ्यतागत."

छोटे समझौते, बड़ा समय: ज्ञानरंजन की कहानियों में हमारे दौर का नैतिक नक्शा

जहां सुविधाजनक चुप्पियां आदत बन चुकी हैं, वहां ज्ञानरंजन की कहानियां आत्म-औचित्य, पलायन और रोज़मर्रा के नैतिक विचलनों को बेपर्दा करती हैं.

थैंक्यू मिस्टर ट्रंप: भारत को अब फ्री ट्रेड के डर से बाहर निकलकर सुधारों को तेज करने का मौका मिला है

ब्रिटेन, EFTA के साथ व्यापार समझौता झोली में आ चुका है, ईयू भी आने वाला है, चीन को छोड़ (उसके लिए भी प्रतिबंधों को हटाया जा रहा है) ‘RCEP’ का हर सदस्य साथ आ गया है. व्यापार को लेकर भारत का दिमाग भी बदल गया है.

अमर्त्य सेन को SIR नोटिस दिखाता है कि भारत में ओवरसीज वोटिंग कितनी मुश्किल है

2024 के लोकसभा चुनाव में, वोटर लिस्ट में 1,19,374 रजिस्टर्ड विदेशी वोटर थे. हालांकि, असल में सिर्फ 2,958 लोगों ने ही वोट डाला. इनमें से 2,670 वोट अकेले केरल के थे.

वेनेजुएला पर अमेरिकी हमला ग्लोबल ऑर्डर का खात्मा है. कमजोर देशों के लिए यह एक बढ़ी चुनौती है

वेनेजुएला में ट्रंप की कार्रवाई से आज अमेरिकी सहयोगियों और साझेदारों के सामने मौजूद विकल्पों पर सवाल खड़े होने की संभावना है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर और अधिक दबाव पड़ेगा.

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अजित पवार की मौत ने भारतीय राजनीति में एक और ‘क्या होता अगर’ वाली बहस छोड़ दी है

दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.

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महिला रोजगार योजना के लाभुकों को दो लाख रुपए तक अतिरिक्त सहायता देने की प्रक्रिया शुरू : नीतीश कुमार

पटना, 29 जनवरी (भाषा) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चयनित लाभुकों को दो...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.