नीतीश कुमार क्या फिर से दोराहे पर हैं? क्या वे एक बार फिर बीजेपी से अलग हो जाएंगे? ये सवाल बिहार ही नहीं, पूरे उत्तर भारत की राजनीति के लिए बहुत महत्वपूर्ण बन गया है.
तमिलनाडु और बीजेपी के बीच खड़ा है चट्टान से भी ऊंचा तमिल गौरव, जिसे भेद पाने का मंत्र बीजेपी को अब तक नहीं मिल पाया है. तमिलनाडु में बीजेपी के वोट इस बार घट गए हैं.
भाजपा अपनी पहल को समर्थन नहीं होने को लेकर इतनी आश्वस्त है कि ‘कानून व्यवस्था’ बनाए रखने के लिए और अधिक संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी है.
भाजपा भी यह जानती है कि इससे मुसलमानों का वोट मिलने वाला नहीं है. उसका इरादा हिन्दू वोट को साधने का है. कुछ न कुछ ऐसे करते रहना होगा ताकि हिन्दू–मुस्लिम ध्रुवीकरण बना रहे.