महामना ज्योतिबा फुले ने भारतीय समाज को आधुनिक बनाने के अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने हेतु 24 सितंबर, 1873 को ‘सत्य शोधक समाज’ की नींव रखी. सामाजिक न्याय की दिशा में ये एक बड़ा कदम था.
डांवाडोल अर्थव्यवस्था मोदी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है. वे इस चुनौती की उपेक्षा करके भी शिखर पर बने रह सकते हैं, या इसे दुरुस्त करने का चमत्कार करके अपनी चमक और बढ़ा सकते हैं
शिक्षा संस्थानों की ग्लोबल रैंकिंग में भारतीय शिक्षा संस्थानों के जगह न बना पाने के लिए अक्सर आरक्षण को जिम्मेदार माना जाता है. अगर वाकई ये सच होता तो इनकी रैंकिंग बेहतर होती.
अपने हिंदी दिवस के भाषण में, अमित शाह ने कहा हमारी भाषायी विविधता तो अपनी जगह ठीक है लेकिन हमें राष्ट्रीय एकता के लिए किसी एक भाषा को अपनाने की जरुरत है और ये भूमिका सिर्फ हिन्दी निभा सकती है.
औपनिवेशिक खुफिया तंत्र क्रांतिकारियों को व्यक्ति के रूप में नहीं बल्कि खतरे के रूप में दर्ज करता था. ऐसा करके उसने कई ज़िंदगियों को इतिहास से निष्कासित कर दिया.