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Thursday, 5 March, 2026
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सरदार पटेल के व्यंग और मजाक के कायल थे महात्मा गांधी

बौद्धिक बातचीत पर पटेल नाक-भौं सिकोंड़ लेते थे. हालांकि वो लंदन से पढ़कर आए हुए बैरिस्टर थे. लेकिन वो अपने भाषणों में खुद को चौथी पास अशिक्षित की तरह पेश करते थे.

मोदी मनरेगा को तो खत्म ही कर देना चाहते थे मगर अब यही उनके लिए आर्थिक मंदी से लड़ने का हथियार है

हाल में मनरेगा को लेकर एक के बाद एक जितनी घोषणाएं की गई हैं उन्हें देखकर तो यही लगता है कि इस योजना पर मोदी सरकार की निर्भरता तेजी से बढ़ रही है और वह इसे व्यापक ग्रामीण संकट और बेरोजगारी के एक अन्तरिम समाधान के रूप में देखती है.

जयंती : भुला दिये गये भारतीय समाजवाद के पितामह आचार्य नरेन्द्र देव

नरेन्द्र देव जिन्होंने स्वतंत्रता संघर्ष के दिनों में कांग्रेस में रहकर समाजवाद की अलमबरदारी की और स्वतंत्रता के बाद का जीवन कांग्रेस का समाजवादी विकल्प खड़ा करने में होम कर दिया.

कैसे कन्हैया, उमर, हार्दिक, जिग्नेश, शेहला और चंद्रशेखर आज़ाद अब भी अपना रास्ता खोज सकते हैं

2019 के लोकसभा चुनाव में हार के बाद स्व-निर्मित युवा नेताओं को अगले स्तर की योजना की जरूरत है.

सरकार की पकड़ से कोर्ट को छुड़ाने और जनता का भरोसा जीतने तक, बहुत दारोमदार है जस्टिस गोगोई के अंतिम 4 फैसलों पर

इन चार मामलों से साफ हो जाएगा कि सर्वोच्च अदालत के फैसले संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर किए जाते हैं या उनमें लोकप्रिय जनभावनाओं का ख्याल रखा जाता है.

सेक्युलरवादियों को भाजपा-आरएसएस के अयोध्या, एनआरसी के फंदे में न फंस अपना खूंटा ठोकना चाहिए

नवंबर का महीना सेक्युलर राजनीति के लिए परीक्षा का महीना साबित होने जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या पर बहु-प्रतीक्षित फैसला, एनआरसी का विस्तार और कई कानून आएंगे सामने.

मोदी, शाह और भाजपा को अयोध्या विवाद पर फैसले की चिंता क्यों नहीं सता रही

अर्थव्यवस्था में सुस्ती के कारण बचाव की मुद्रा अपनाने को मजबूर मोदी अयोध्या विवाद पर फैसले को भुनाने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे.

दुष्यंत चौटाला की तरह राजनीतिक समझौता क्यों नहीं कर सकते तेजस्वी यादव

बिहार और हरियाणा की राजनीतिक परंपराएं और आबादी की संरचनाएं अलग हैं. इसलिए तेजस्वी यादव के सामने बीजेपी से हाथ मिलाने का विकल्प ही नहीं है. बीजेपी के लिए भी आरडेजी को साथ लेने का विकल्प नहीं है

बीजेपी की अपराजेयता खंडित, लेकिन क्या कांग्रेस विकल्प देने के लिए तैयार है

कांग्रेस को राष्ट्रीय नेतृत्व की दुविधा से निकलना होगा और जनता के बदलते मूड का फायदा उठाने के लिए अपने को तैयार करना होगा. जनता का सरकार से नाराज होना काफी नहीं है. सिर्फ इस वजह से परिवर्तन नहीं होते

देश की सबसे हॉट सीट पर बैठने जा रहे हैं गुजरात काडर के आईएएस अफसर गिरीश चंद्र मुर्मू

मोदी के विश्वस्त नौकरशाह को कश्मीर का उप-राज्यपाल बनाए जाने का प्रशासनिक और राजनीतिक मतलब क्या हो सकता है?

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दिल्ली के रिठाला में आग लगने से करीब 50 झुग्गियां जलकर खाक

नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) दिल्ली के रिठाला इलाके में बृहस्पतिवार तड़के झुग्गी बस्ती में भीषण आग लग जाने से करीब 50 झोपड़ियां...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.