बौद्धिक बातचीत पर पटेल नाक-भौं सिकोंड़ लेते थे. हालांकि वो लंदन से पढ़कर आए हुए बैरिस्टर थे. लेकिन वो अपने भाषणों में खुद को चौथी पास अशिक्षित की तरह पेश करते थे.
हाल में मनरेगा को लेकर एक के बाद एक जितनी घोषणाएं की गई हैं उन्हें देखकर तो यही लगता है कि इस योजना पर मोदी सरकार की निर्भरता तेजी से बढ़ रही है और वह इसे व्यापक ग्रामीण संकट और बेरोजगारी के एक अन्तरिम समाधान के रूप में देखती है.
नरेन्द्र देव जिन्होंने स्वतंत्रता संघर्ष के दिनों में कांग्रेस में रहकर समाजवाद की अलमबरदारी की और स्वतंत्रता के बाद का जीवन कांग्रेस का समाजवादी विकल्प खड़ा करने में होम कर दिया.
इन चार मामलों से साफ हो जाएगा कि सर्वोच्च अदालत के फैसले संवैधानिक सिद्धांतों के आधार पर किए जाते हैं या उनमें लोकप्रिय जनभावनाओं का ख्याल रखा जाता है.
नवंबर का महीना सेक्युलर राजनीति के लिए परीक्षा का महीना साबित होने जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या पर बहु-प्रतीक्षित फैसला, एनआरसी का विस्तार और कई कानून आएंगे सामने.
बिहार और हरियाणा की राजनीतिक परंपराएं और आबादी की संरचनाएं अलग हैं. इसलिए तेजस्वी यादव के सामने बीजेपी से हाथ मिलाने का विकल्प ही नहीं है. बीजेपी के लिए भी आरडेजी को साथ लेने का विकल्प नहीं है
कांग्रेस को राष्ट्रीय नेतृत्व की दुविधा से निकलना होगा और जनता के बदलते मूड का फायदा उठाने के लिए अपने को तैयार करना होगा. जनता का सरकार से नाराज होना काफी नहीं है. सिर्फ इस वजह से परिवर्तन नहीं होते
अब जब चीन को बड़े दांव वाले युद्ध पर नज़र रखने में व्यस्त किया जा रहा है, यह छोटा पड़ोसी संघर्ष पाकिस्तान को भू-रणनीतिक युद्ध का ज़रूरी सबक सिखा सकता है.