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Wednesday, 4 February, 2026
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मत-विमत

अयोध्या और हिंदू अतीत पर दो पुरातत्वविदों के भिन्न दृष्टिकोण

पुरातत्वविदों ने कई अवसरों पर अयोध्या में उत्खनन किया है, लेकिन राम के जन्मस्थान को चिन्हित करने के लिए नहीं, बल्कि परंपरागत पुरातत्वशास्त्र के अभ्यास के लिए.

बीसीसीआई अध्यक्ष बनते ही गांगुली को विराट ने कौन सी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है

नए नए शहरों में टेस्ट मैच कराने के पीछे बीसीसीआई की कोशिश थी कि छोटे शहरों में भी क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़े.

वामपंथी विचारधारा वाला मैं उमर खालिद, क्यों पैगंबर की प्रशंसा करते हुए ट्विटर ट्रेंड का हिस्सा बना

कमलेश तिवारी की हत्या के बाद भारत में एक नए तरह का नफ़रत का खेल शुरू हो गया है जहां मुस्लिमों को खुलेआम गरियाया जाता है भले ही वह पांच बार के नमाजी हों या न हों.

सामाजिक प्रतिक्रांति में क्यों बदल गया भारत का साइलेंट रिवोल्यूशन

जनता ने समतामूलक समाज बनाने की उम्मीद के साथ समाजवादी, बहुजनवादी और कम्युनिस्ट पार्टियों के हाथ में सत्ता दी. लेकिन उन्होंने ये मौका गंवा दिया. बीजेपी उसी शून्य का फायदा उठा रही है.

क्या न्यायालय का फैसला सुलझा सकेगा राम जन्मभूमि मामला या फिर कोई नया विवाद होगा खड़ा

हिंदू पक्षों ने जहां विवादित स्थल पर नया निर्माण होने से पहले भव्य मंदिर होने का दावा किया वहीं मुस्लिम पक्षकारों ने खुदाई में मिली संरचना की तुलना ईदगाह से की.

भाजपा महाराष्ट्र और हरियाणा में जीत की राह पर है, पर मोदी के मतदाताओं की सोच में बदलाव आया है

मोदी शायद ही कभी ‘अच्छे दिन’ के अपने वादे का जिक्र करते हैं, पर जनता अब भी उसे याद करती है. हालांकि, जनता की आवाज के शीघ्र ही जीत के जश्न में दब जाने की संभावना है.

आर्थिक महाशक्ति भारत दुनिया के सबसे भूखे देशों की लिस्ट में क्यों

हंगर इंडेक्स में भारत के लगातार पिछड़ते चले जाने का मतलब है कि पोषाहार देने की सरकार की योजनाएं असफल हो चुकी हैं और उनकी समीक्षा करने की जरूरत है.

भारत का बहुभाषी समाज अयोध्या फैसले को किस तरह ग्रहण करेगा, इस पर दुनिया की नजर होगी

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की इस घड़ी में हमारे सामने अपने भावी इतिहास की फिक्र करने का वक्त आ खड़ा हुआ है. यह जताने का भी कि तमाम असहमतियों के बावजूद हम अपनी संवैधानिक संस्थाओं और उनके फैसलों का कितना सम्मान करते हैं.

हरियाणा विधानसभा चुनाव में युवाओं के मुद्दों के सहारे दुष्यंत चौटाला की जेजेपी कितना प्रभाव डाल पाएगी

आईएनएलडी में दोनों भाइयों के पारिवारिक झगड़ों के कारण अलग हुए दुष्यंत चौटाला ने 2018 में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) बनाई थी.

राहुल गांधी को सोचना चाहिए कि उनकी दादी इंदिरा ने सावरकर को देशभक्त क्यों कहा था

भारत रत्न से सम्मानित किए जाने के बाद अंततः भारत के इस बहुप्रचारित और गलत समझे जाने वाले नेता की आत्मा को अंतिम शांति मिल सकेगी.

मत-विमत

सवाल यह नहीं होना चाहिए कि बलात्कारी लड़कों के साथ क्या किया जाए? पूछिए कि उन्हें हमलावर किसने बनाया

जिन छोटे लड़कों को स्कूल के काम की चिंता करनी चाहिए, वे महिलाओं को परेशान करना सीख रहे हैं. क्या अब हमें उन लोगों की लिस्ट में बच्चों को भी शामिल करना होगा जिनसे हमें खुद को बचाना है?

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राजनीति

देश

नयी अमेरिकी शुल्क नीति भारतीय किसानों के लिए चिंता का विषय: शरद पवार

बारामती, चार फरवरी (भाषा) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) प्रमुख एवं पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने बुधवार को कहा कि नयी अमेरिकी शुल्क...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.