ये एक पहेली है कि देश की आजादी के बाद संविधान के लागू होने के बावजूद जो समुदाय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानवीय गरिमा के मामले में सबसे पीछे रह गया, वही समुदाय संविधान के प्रति सबसे ज्यादा वफादार क्यों है.
अमेरिकी विश्वविद्यालयों के विद्वानों ने कुछ निगम पार्षदों को सूचित किया कि चुनाव से पहले एक अखबार में उनके कामकाज पर रिपोर्ट छपेगी. पढ़िए इसका परिणाम क्या निकला.
जम्मू कश्मीर व कर्नाटक के बाद महाराष्ट्र में मंचित किये जा रहे सत्ता के अपहरण या लोकतंत्र के चीरहरण के महानाटक के बाद इस तथ्य में किसी को भी संदेह नहीं रह जाना चाहिए कि हमारा ‘शांतिकामी’ निज़ाम उसे अभीष्ट शांति की स्थापना के लिए लोक लाज को भी उसकी औकात बता देने पर आमादा है.
मध्य वर्ग का बड़ा हिस्सा देश के सरकारी उच्च शिक्षण संस्थाओं में सस्ती शिक्षा हासिल करके ही खड़ा हुआ है, लेकिन अब वह चाहता है कि शिक्षा संस्थान प्राइवेट हो जाएं और वहां पढ़ने वाले ख़ुद अपना ख़र्च उठाएं.
देश में 33 साल बाद नई शिक्षा नीति देश में आ रही है. नवाचारयुक्त, शोधपरक, अनुसंधान को बढ़ावा देती यह नई शिक्षा नीति देश के सामाजिक आर्थिक जीवन में नए सूत्रपात का आगाज करेगी.
अब जब चीन को बड़े दांव वाले युद्ध पर नज़र रखने में व्यस्त किया जा रहा है, यह छोटा पड़ोसी संघर्ष पाकिस्तान को भू-रणनीतिक युद्ध का ज़रूरी सबक सिखा सकता है.