डॉ. आंबेडकर ने न्याय के लिए संघर्षरत योद्धा की तरह एक नायक की जिंदगी जी और उनके लोगों ने उन्हें एक महानायक की तरह अश्रुपूरित नयनों से यादगार अंतिम विदाई दी
मातृशक्ति को कमतर आंकने के आदी सरकारी बाबू पद्मावती से आंखे चुरा रहे हैं. ठीक उसी तरह जैसे बिल्ली दूध पीते समय आंख बंद कर लेती है और सोचती है कि उसे कोई नहीं देख रहा.
किसानों की भलाई, युवाओं को रोजगार, बेहतर कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचारियों पर नकेल कसने की नीति पर शिवसेना को आगे बढ़ना चाहिए. सांप्रदायिकता की राजनीति में बीजेपी उसे हर कदम पर मात देगी.
सबसे कम समय के लिए सबसे उथलपुथल भरे कार्यकाल वाले मितभाषी मगर एक सख्त प्रधानमंत्री रहे इंदर कुमार गुजराल को उनकी जन्म शताब्दी पर दिप्रिंट याद कर रहा है.
अब जब चीन को बड़े दांव वाले युद्ध पर नज़र रखने में व्यस्त किया जा रहा है, यह छोटा पड़ोसी संघर्ष पाकिस्तान को भू-रणनीतिक युद्ध का ज़रूरी सबक सिखा सकता है.