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Tuesday, 3 February, 2026
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मत-विमत

अनुच्छेद 370 के फैसले ने कश्मीर को भारत से दूर ही किया है

नरेंद्र मोदी नहीं, अमित शाह हैं भारतीय राज्य के नए चेहरे जो कश्मीरियों के दर्द और गुस्से का कारण हैं.

बीएचयू में फिरोज़ खान का उनके धर्म के नाम पर विरोध करने वाले संस्कृत के असली दुश्मन हैं

जेएनयू के छात्र जहां फीस वृद्धि के खिलाफ सड़कों पर उतरकर सरकार का दम फुला देते हैं, वहीं बीएचयू के ज्यादातर छात्र अपनी धार्मिक-साम्प्रदायिक ग्रंथियों तक से आजाद नहीं.

मोदी का नया नागरिकता कानून विभाजन के घावों को कुरेदेगा

मुहम्मद अली जिन्ना को नरेंद्र मोदी पर गर्व होगा.

आर्मी अधिकारियों को नहीं, टीवी चैनलों को कोड ऑफ कंडक्ट की ज़्यादा ज़रूरत है

हाल ही में एक टीवी चैनल पर कार्यक्रम में इंडियन आर्मी से रिटायर्ड मेजर जनरल एसपी सिन्हा ने भड़काऊ बातें बोलते हुए सारी हदें पार कर दीं.

गौतम गंभीर ही नहीं, आज तमाम सांसदों का राजनीतिक जीवन दुष्कर है

अपने क्रिकेट करियर के दौरान गौतम गंभीर को अपने विरोधियों के खिलाफ स्लेजिंग (छींटाकशी) करना पसंद था. अपने नए अवतार – पूर्वी दिल्ली से...

बिन ब्याहे माता-पिता का सुख पाने की चाहत पूरी करने के लिये किराये की कोख लेना होगा मुश्किल

संसद के शीतकालीन सत्र में किराये की कोख (विनियमन) विधेयक, 2019 राज्य सभा में पेश किया जायेगा. इस विधेयक को लोक सभा ने पारित कर दिया था.

पाकिस्तान की करतारपुर शांति पहल उसकी कमज़ोरी की निशानी नहीं है

क्या पाकिस्तान खालिस्तान के मुद्दे को फिर से सुलगाना चाहता है या वह एक भू-राजनीतिक औजार के रूप में करतारपुर गलियारे का उपयोग करना चाहता है? दोनों का ही उत्तर ‘हां’ है.

केजरीवाल और मोदी में कई समानताएं हैं फर्क सिर्फ सांप्रदायिकता का है

दोनों नेता बड़बोले दावे करने में माहिर हैं, दोनों जो पैकेज पेश कर रहे हैं उनमें कोई फर्क नहीं है, दोनों की कार्यशैली व्यक्तिपूजा को बढ़ावा देने वाली है. लेकिन दोनों में अहम एक अंतर है. ‘आप’ में वह तीखी सांप्रदायिकता नहीं है जो भाजपा में है.

मोदी के विपक्ष-मुक्त भारत में जेएनयू को शाश्वत विरोधी बने रहना चाहिए

जेएनयू किसी कन्हैया या शेहला से बढ़कर है. लेकिन कभी विविधता और लोकतंत्र का प्रतीक रहा विश्वविद्यालय टीवी बहसों, जहरीले ट्वीटों और अगंभीर बहसों में बदनाम हो रहा है.

जब दुश्मन का दोस्त आपका मित्र हो : कांग्रेस-एनसीपी ने विचारधारा की लक्ष्मण रेखा को पार कर शिवसेना को गले लगाया

विचारधारा के लिहाज से दो ध्रुवों पर खड़ी भाजपा और वाम दलों को अगर साझा शत्रु के खिलाफ एकजुट होने में कोई हिचक नहीं हुई तो अब कांग्रेस को क्यों हो?

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न्याय मिलना लोकतांत्रिक शासन की बुनियाद है: न्यायालय

नयी दिल्ली, तीन फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को कहा कि न्याय मिलना लोकतांत्रिक शासन की बुनियाद है और यह एक न्यायसंगत व...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.