जब देशभर में लॉकडाउन चल रहा है और सिर्फ जरूरी सेवाएं ही काम कर रही हैं तब केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड यानी सीपीसीबी ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा कि 36 निगरानी पाइंट में से 27 जगह गंगा का पानी नहाने योग्य हो गया है.
सरकार को कोरोनावायरस महामारी के संकट पर काबू पाने और देशवासियों को इसके प्रकोप से बचाने के प्रयास के दौरान दायर हो रही इस तरह की याचिकाओं पर आपत्ति है.
वित्तीय स्थिति के लिहाज से हम तीस साल पीछे चले गए हैं. अब यही उम्मीद की जा सकती है कि एक-दो तिमाही तक अर्थव्यवस्था सिकुड़ती रहेगी और उसके बाद धीरे-धीरे ही सुधरेगी.
मोदी को अच्छी तरह मालूम है कि उन्हें किसे संबोधित करना है, किसकी उपेक्षा करनी है, और किसे लाभ पहुंचाना है. इसलिए आप उनकी ताली, थाली, दीया, मोमबत्ती का मजाक उड़ाते रहिए.
इस वक्त जब देश के बड़े विपक्षी नेता भी सत्ताधारी पार्टी के साथ खड़े नजर आते हैं तब ऐसा लगता है कि आईटी सेल ने अपनी ही पार्टी और देश का दुश्मन बनने की कसम खा ली है.