scorecardresearch
Monday, 2 March, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

कोरोना संकट में भारत के लिए बड़े आर्थिक फायदे निहित है: जयंत सिन्हा

दुनियाभर के देशों ने राजकोषीय नियमों से किनारा कर लिया है और वे अर्थव्यवस्था में ठहराव से बचने के लिए बेहिचक होकर खर्च कर रहे हैं.

कोरोनावायरस: मोदी सरकार की शह में छद्म विज्ञान से हो रहा है विज्ञान का कत्ल

सत्ता पक्ष कि शह कि वजह से आज भारत में तार्किकता और वैज्ञानिकता का स्पेस कम होता जा रहा है और छद्म विज्ञान और अंधविश्वास ने उसकी जगह ले ली है.

हज़ारों सालों से अमृत बरसाने वाली गंगा नदी आज जहर क्यों परोस रही है

जब देशभर में लॉकडाउन चल रहा है और सिर्फ जरूरी सेवाएं ही काम कर रही हैं तब केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड यानी सीपीसीबी ने एक रिपोर्ट जारी कर कहा कि 36 निगरानी पाइंट में से 27 जगह गंगा का पानी नहाने योग्य हो गया है.

मोदी की कोविड-19 पर अपनाई गई रणनीति के आगे गांधी परिवार में भी राजनीतिक दूरियां दिखाई देती हैं

देश के प्रमुख विपक्षी दल ने सरकार को अपना पूरा समर्थन दिया है और यह भी कहा है कि लॉकडाउन का कदम 'आवश्यक' हो सकता है.

क्या जनहित के नाम पर दायर याचिकाएं कोरोनावायरस की चुनौतियों से निपटने के प्रयासों में बाधक हैं

सरकार को कोरोनावायरस महामारी के संकट पर काबू पाने और देशवासियों को इसके प्रकोप से बचाने के प्रयास के दौरान दायर हो रही इस तरह की याचिकाओं पर आपत्ति है.

लॉकडाउन और नोटबंदी के बीच जो समानता है वो मोदी सरकार की तैयारियों में कमी है

वित्तीय स्थिति के लिहाज से हम तीस साल पीछे चले गए हैं. अब यही उम्मीद की जा सकती है कि एक-दो तिमाही तक अर्थव्यवस्था सिकुड़ती रहेगी और उसके बाद धीरे-धीरे ही सुधरेगी.

आप ताली, थाली, दीया और मोमबत्ती का चाहे जितना मजाक बना लें, मोदी को इससे फर्क नहीं पड़ता

मोदी को अच्छी तरह मालूम है कि उन्हें किसे संबोधित करना है, किसकी उपेक्षा करनी है, और किसे लाभ पहुंचाना है. इसलिए आप उनकी ताली, थाली, दीया, मोमबत्ती का मजाक उड़ाते रहिए.

मोदी, ट्रंप से लेकर मैक्रों तक जंग की भाषा बोल रहे हैं पर कोरोनावायरस कोई ‘दुश्मन’ नहीं

कोरोनावायरस महामारी के ख़िलाफ़ फ़ुर्ती से और कारगर उपाय करें, लेकिन ऐसा करते हुए युद्ध का आदर्श अपने सामने रखेंगे तो हम भारी चूक करेंगे.

भाजपा आईटी सेल ने कोरोना महामारी को चुनाव समझ लिया है, जिसमें वो झूठ के दम पर सफलता पाना चाहते हैं

इस वक्त जब देश के बड़े विपक्षी नेता भी सत्ताधारी पार्टी के साथ खड़े नजर आते हैं तब ऐसा लगता है कि आईटी सेल ने अपनी ही पार्टी और देश का दुश्मन बनने की कसम खा ली है.

महाराष्ट्र में गन्ना काटने वाले ढाई लाख प्रवासी मजदूर खेतों में फंसे, अनाज खत्म होने के बाद गहराया भोजन का संकट

लॉकडाउन के बाद ऐसे कई मजदूरों ने बताया कि वे गन्ना खेतों में ही फंस गए हैं और अनाज खत्म होने के बाद उनके सामने दो जून की रोटी का सवाल खड़ा हो गया है.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

होली आपसी सद्भाव, प्रेम और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वांत रंजन

लखनऊ, एक मार्च (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने रविवार को कहा कि होली केवल रंगों का...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.