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Wednesday, 22 April, 2026
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लॉकडाउन में भी दलितों पर बढ़े अत्याचार, कोरोना से लड़ेगा ये देश या जातिवाद से

देश में कोई भी आपदा या महामारी हो उसकी सबसे ज्यादा कीमत देश के कमजोर वर्ग को ही चुकानी पड़ती है जैसे आज देशभर में फैले मजदूर चुका रहे हैं.

कोरोनावायरस प्रकरण से बौखलाया चीन भारत को क्या देना चाहता है संदेश और नेपाल क्यों है नाराज

कोरोनावायरस की वजह से चीन को दुनिया ने दरकिनार किया है और डोनाल्ड ट्रंप ने कोविड-19 के लिए पूरी तरह से चीन को दोषी ठहराया है और खुलेआम खिलाफत की है उसके बाद चीन बौखलाया हुआ है.

कोरोना महामारी से सबक लेकर क्या हमें जनसंख्या नियंत्रण पर सोचने की जरूरत है

देश में बढ़ती आबादी को लेकर उच्चतम न्यायालय भले ही समय-समय पर चिंता व्यक्त करता रहा है लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिये कानून बनाने जैसा कोई निर्देश या सुझाव उसने अभी तक सरकार को नहीं दिया है.

भारत के नफरत के एजेंडा से ट्विटर और फेसबुक ने खूब मुनाफा कमाया, अब इसे कानून लाकर खत्म करने का समय

फ्रांस की संसद में अब एक कानून है जिसके तहत सोशल मीडिया और ट्विटर, फेसबुक व गूगल जैसी टेक कम्पनियों के लिए अनिवार्य है कि फ्लैग किए जाने के 24 घंटे के भीतर, नफ़रत भरी सामग्री हटा लें.

कोरोना संकट के इस समय में मोदी सरकार अर्थव्यवस्था और जनता, दोनों की जरूरतें पूरी करने में नाकामयाब हुई है

राष्ट्रीय स्तर की इस भयावह मानवीय त्रासदी के प्रति मोदी सरकार ने जो शर्मनाक रवैया अख्तियार किया, उसे ‘असंवेदनशील’ भर कहना स्थिति की वास्तविकता से मुंह फेरना होगा.

मोडेरना के क्लीनिकल ट्रायल से कोविड वैक्सीन की उम्मीद बढ़ी और दूसरे टीके

#CutTheClutter के अपने 474वें एपिसोड में शेखर गुप्ता दुनियाभर में विकसित किए जा रहे संभावित कोविड-19 टीकों पर बता रहे हैं.

बाबा साहब से भी पहले बौद्ध धम्म अपनाने वाले दलित थे मनीषी अयोत्तिदास

अयोत्तिदास ने भी दलितों की हिंदुओं से पृथक पहचान बनाने पर जोर दिया था. उन्होंने ब्रिटिश सरकार से दलितों के लिए राजनीतिक अधिकार मांगे और 1898 में बौद्ध धम्म स्वीकार कर लिया.

कोरोना संकट के दौरान नीतीश कुमार की बेफिक्री का राज क्या है

विधानसभा चुनाव सिर पर होने के बावजूद बिहार के लाखों प्रवासी मजदूरों को लेकर प्रदेश के सत्ताधारी गठबंधन में उस तरह की चिंता नहीं दिख रही है, जो सामान्यत: होनी चाहिए. क्या हो सकती है इसकी वजह?

आपदा को अवसर में बदलिये तो पक्का कीजिए कि उसका लाभ कुछ मुट्ठियों में ही बन्द न हो पाये

सरकार अगर इस आपदा को अवसर में बदलना चाहती तो उसे बिना राजनीतिक राग-द्वेष के केरल व राजस्थान जैसे राज्यों के कोरोना से लड़ने के सफल माॅडलों का, जो सरकारी स्वास्थ्य तंत्र के बेहतर इस्तेमाल से ही संभव हुए हैं, देश भर में उपयोग करना चाहिए था.

आधार, मनरेगा, डीबीटी, ग्रामीण आवास– कांग्रेस की विरासत को मोदी ने कैसे हड़पा

कांग्रेस ने कल्याणकारी तंत्र की सामग्री तैयार कर रखी थी. प्रधानमंत्री ने बस अपनी रेसिपी के अनुसार उनको परस्पर मिलाने और मोदी 'तड़का' लगाकर अपना बताते हुए बेचने का काम किया.

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मधुबनी, 22 अप्रैल (भाषा) बिहार के मधुबनी में जिला प्रशासन ने स्कूल शिक्षकों के कक्षाओं में अध्यापन के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.