पाकिस्तान दोहरा खेल खेलने में माहिर रहा है, जैसा उसने 2001 और 2021 में अमेरिका के साथ खेला था. वह मामले को गरम रखने के लिए छद्म युद्ध को सावधानी से दूसरा रूप दे सकता है.
संवेदनशील क्षेत्रों के पास ‘नो-फ्लाई ज़ोन’ की घोषणा को अधिसूचित करने और दंडनीय अपराध बनाने की ज़रूरत है जिनके उल्लंघन पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भारी दंड दिया जा सके.
लेकिन भारत के लिए असली संघर्ष कश्मीर की जनता को भारत के लक्ष्यों में सुरक्षित, समृद्ध सहयोगी बनाने का है. नई ट्रेन की हर एक यात्रा हमें इस उद्देश्य के निरंतर करीब लाती जाएगी.
चीन भारत को अपने ‘त्रिशूल’ से दबाने के लिए पाकिस्तान का सस्ते में इस्तेमाल करता रहा है. यह मान लेना मुफीद होगा कि चीन पाकिस्तान को अब अपने पश्चिमी थिएटर कमांड के रूप में देखता है.
जब ऊपरी आदेश से बाध्य शिक्षक ही छात्रों को इस या उस नारे पर प्रोजेक्ट और शोध लिखवाते हैं—तो बेचारे छात्रों को कैसे गुमान हो कि उन्हें महज पार्टी प्रोपेगेंडा का शिकार बनाया जा रहा है?
अब जब लोग सच में किसी अमीर पड़ोसी से मांस के तोहफे की उम्मीद नहीं करते, तो क्या सिर्फ गरीबों को खाना खिलाने के नाम पर अब भी जानवरों की बलि देना ठीक माना जा सकता है?
भारत की विशाल और लगातार बढ़ती छात्र आबादी के अलावा विदेशी संस्थानों में अध्ययन की असीम अभिलाषा के कारण 2023-24 में करीब 15 लाख भारतीय छात्र विदेश गए. 2024-25 में यह संख्या 18 लाख तक पहुंच गई.