scorecardresearch
Saturday, 31 January, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

कोविड-19 संकट के बीच डीए भत्ते पर रोक सही कदम, विशेषाधिकार प्राप्त भारत की शिकायत वाजिब नहीं

इस अप्रत्याशित समय में सवाल ये नहीं है कि सुविधा-संपन्न तबका अपनी सुविधाएं बाकी लोगों में क्यों बांटे बल्कि सवाल ये है कि आखिर वो ऐसा क्यों नहीं करे भला !

भरे गोदाम और खाली पेट है कोरोना काल का सबसे बड़ा संकट

भारत में भुखमरी कोई नई बात नहीं है. देश के पिछड़े इलाकों से अक्सर भूख से मौतों की खबरें आती रहती हैं. करोड़ों लोग ऐसे हैं, जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में दो वक्त का खाना नसीब नहीं होता है.

भीड़ वाली जगहों से न हटाए गए तो कोरोना बम बन जाएंगे प्रवासी गरीब

बड़े शहरों की घनी बस्तियों और गरीबों के लिए बनाए गए कैंपों में रह रहे लोगों को उनके ठिकाने तक पहुंचाना अब प्राथमिकता का कार्य बन जाना चाहिए.

कोरोना के कारण लॉकडाउन ने भारत में विपक्ष की राजनीति पर ताला लगा दिया मगर भाजपा की दुकान चल रही है

जिस युद्ध ने इंदिरा गांधी को शिखर पर पहुंचाया था उसी ने उनके पतन का बीज भी बोया था, मगर आज विपक्ष के लिए बेहतर तो यही होगा की वह चुप न बैठे और इस महामारी में मोदी सरकार को अपनी जवाबदेही से कतरा कर निकलने का मौका न दे.

अर्णब पर हमला नेहरू की विरासत है, अभिव्यक्ति की आजादी पर अंकुश लगाना पार्टी के डीएनए में है

रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्णब गोस्वामी ने सोनिया गांधी की पालघर मामले में चुप्पी पर सवाल उठाया था. इसके बाद जो हुआ वो कांग्रेस ने वर्षों तक जो किया है, उसकी याद दिलाता है.

पीएम मोदी का पहले साल का रिपोर्ट कार्ड- अर्थव्यवस्था में सी ग्रेड, शासन में डी ग्रेड लेकिन राजनीति में ए ग्रेड

कोविड-19 संकट ने नरेंद्र मोदी को एक बार फिर से शोमैन बनने और भारतीय राजनीतिक स्पेस पर प्रभुत्व जमाने का मौका दिया है.

कोविड ने साबित किया है कि हमने लाइफ साइंस अनुसंधान पर पर्याप्त खर्च नहीं किया है, अब समय कुछ करने का है

इस महामारी के कारण उभरे अवसरों का लाभ उठाने के लिए भारत को जैविक विज्ञान के क्षेत्र में काम करने वालों की संख्या बढ़ाने के साथ ही उद्योग जगत और सरकार के बीच और करीबी सहयोग को बढ़ावा देना होगा.

जरूरी विषयों को नज़रअंदाज कर आरक्षण पर टिप्पणी करने वाले सुप्रीम कोर्ट से क्या निष्पक्षता की उम्मीद की जा सकती है

22 अप्रैल को पांच जजों की पीठ ने टिप्पणी की कि जो दलित क्रीमी लेयर में आ गये हैं, उन्हें सूची से बाहर करने पर सरकार विचार करे. इन परिस्थितियों को देखते हुए क्या न्यायपालिका से निष्पक्षता की उम्मीद की जा सकती है.

चुनाव आयोग का आंकड़ा आंबेडकर और आरएसएस की कथित निकटता की पोल खोल देता है

आरएसएस के प्रचारक कई वर्षों से ऐसा दावा करते आए हैं कि आंबेडकर उनके संगठन के कार्यक्रम में शामिल हुए थे और उनका रुख इस संगठन के प्रति सकारात्मक था. लेकिन अपने दावे को साबित करने के लिए आरएसएस विचारकों ने कभी कोई भी तथ्य उपलब्ध नहीं कराए.

सीएए विरोधी प्रदर्शन, दिल्ली हिंसा, कोविड-19 के दौरान तबलीगी जमात के आयोजन की खबर देने में खुफिया एजेंसी नाकाम क्यों रहीं

नागरिकता संशोधन कानून का विरोध, दिल्ली में हिंसा, कोरोनावायरस के दौरान मरकज में तब्लीगी जमात का आयोजन और पालघर में साधुओं की हत्या कुछ ऐसा ही संकेत देती हैं.

मत-विमत

वीडियो

राजनीति

देश

मेरठ में दुष्कर्म पीड़ित किशोरी की मौत, मुख्य आरोपी गिरफ्तार

मेरठ (उप्र), 31 जनवरी (भाषा) मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र में कथित दुष्कर्म पीड़िता एक नाबालिग किशोरी की उपचार के दौरान मेडिकल...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.