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Friday, 30 January, 2026
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जजों के खाली पदों के लिए सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की दर्जन भर नामों की सिफारिश पर मोदी सरकार का ‘पुनर्विचार’ का फरमान जारी

कॉलेजियम ने इलाहाबाद, जम्मू-कश्मीर, पंजाब व हरियाणा समेत आठ हाइकोर्टों में जजों के खाली पदों के लिए नामों की सिफ़ारिश की थी.

फैक्ट की कसौटी पर परखें तो कई मामलों में ‘नेहरू’ से काफी आगे निकल चुके हैं ‘मोदी’

कोविड के इस दौर में मोदी ने जिस ढंग से निर्णय लिए हैं और लोकप्रियता बरकरार रखी है, वह निश्चित ही चकित करने वाली है.

उम्मीदों को लगाम दीजिए, अर्थजगत में सुनामी का खतरा मंडरा रहा है

भारत में कोरोनावायरस के संक्रमण के आंकड़ों की तरह आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों को लेकर भी कुछ लोग जरूरत से ज्यादा आशावादी हो रहे हैं.

भारतीय राजनेताओं के लिए कोरोनावायरस चिंता का सबब क्यों बन रहा है

पुराने तरीके की ‘टच-एंड-फील’ राजनीति में यकीन करने वाले नेता कोविड संकट के कारण वोटरों तक पहुंचने के अधिक तकनीकी तरीके अपनाने की दुविधा का सामना कर रहे हैं.

ना ब्ल्यू कॉलर ना व्हाइट, इन बनियान पहने मजदूरों की अहमियत भूल गया था मोदी का भारत

अपने घरों की तरफ लौट रहे लाखों गरीब आकांक्षी भारतीय श्रमिक वर्ग की नई पीढ़ी है. मोदी और उनकी सरकार ने उनके भाग्य के बारे में सोचा ही नहीं.

यूपी और बिहार से कोविड के दौर में रिपोर्टिंग के वो 72 घंटे जहां हमने मृत्यु और जन्म दोनों देखे

जिस देश में अभी भी अखबारों से जच्चा-बच्चा की मौत की खबरें गायब नहीं हुईं हैं वहां हम रेखा को उनके हाल पर नही छोड़ सकते थे. उनके अस्पताल पहुंचने के बाद ही हम अपनी रिपोर्टिंग में व्यस्त हुए.

कोविड काल की गंगा की तस्वीर में चित्रकार ने कई कमियां छोड़ दी हैं, क्या प्रधानमंत्री मोदी उन्हें खोज पाएंगे

लॉकडाउन ने प्रधानमंत्री को एक मौका दिया है कि गंगा की तस्वीर से उन गलतियों को निकाल फेकें और देश की जनता के सामने वह तस्वीर रखे जो वो वास्तव में चाहते हैं.

मोदी का आत्म-निर्भर भारत आइडिया वही है जो गांधी का था- आधुनिकीकरण हो, लेकिन पश्चिम पर निर्भरता नहीं

स्वदेशी न तो अलगाव है, न ही इसका ये अर्थ निकाला जाना चाहिए. ये स्थानीयकरण और वैश्वीकरण के बीच भारत का पुल है.

उत्तर प्रदेश के अतीत से सीखिए कि रोजगार के स्थानीय मॉडल कैसे बन सकते हैं

उत्तर प्रदेश में एक समय रोजगार के कई बड़े केंद्र थे, जो अब लगभग बर्बाद हो चुके हैं. अगर स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता चाहिए तो हमें उत्तर प्रदेश के उस गौरवशाली दौर से सीखना होगा.

मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ के पैकेज ने एमएसएमई क़र्ज में सुधारों का अवसर खो दिया है

बिना कोलेटरल के एमएसएमई लोन के लिए सरकार की 100 प्रतिशत सॉवरेन गारंटी, क़र्ज़दारों को ये रक़म कभी न लौटाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, और बैंकों को भी भविष्य में उन्हें क़र्ज़ देने के लिए हतोत्साहित करेगी.

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गुज़ारा करने के लिए कर्ज़ा: भारतीय परिवार ज़्यादा बचत करते हैं, फिर भी क्यों हैं कर्ज़ में?

आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि छह साल में पर्सनल लोन तीन गुना हो गए हैं और कर्ज़ चुकाने में चूक बढ़ी है; सोशल मीडिया से बनी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए मिडिल क्लास कर्ज़ ले रहा है, जबकि असली मज़दूरी आधी रह गई है.

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अंडमान स्थित श्री विजय पुरम हवाई अड्डे को अपनी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया

श्री विजय पुरम, 30 जनवरी (भाषा) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह स्थित वीर सावरकर अंतरराष्ट्रीय (वीएसआई) हवाई अड्डे को 50 लाख से कम यात्रियों...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.