पुराने तरीके की ‘टच-एंड-फील’ राजनीति में यकीन करने वाले नेता कोविड संकट के कारण वोटरों तक पहुंचने के अधिक तकनीकी तरीके अपनाने की दुविधा का सामना कर रहे हैं.
जिस देश में अभी भी अखबारों से जच्चा-बच्चा की मौत की खबरें गायब नहीं हुईं हैं वहां हम रेखा को उनके हाल पर नही छोड़ सकते थे. उनके अस्पताल पहुंचने के बाद ही हम अपनी रिपोर्टिंग में व्यस्त हुए.
लॉकडाउन ने प्रधानमंत्री को एक मौका दिया है कि गंगा की तस्वीर से उन गलतियों को निकाल फेकें और देश की जनता के सामने वह तस्वीर रखे जो वो वास्तव में चाहते हैं.
उत्तर प्रदेश में एक समय रोजगार के कई बड़े केंद्र थे, जो अब लगभग बर्बाद हो चुके हैं. अगर स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता चाहिए तो हमें उत्तर प्रदेश के उस गौरवशाली दौर से सीखना होगा.
बिना कोलेटरल के एमएसएमई लोन के लिए सरकार की 100 प्रतिशत सॉवरेन गारंटी, क़र्ज़दारों को ये रक़म कभी न लौटाने के लिए प्रोत्साहित करेगी, और बैंकों को भी भविष्य में उन्हें क़र्ज़ देने के लिए हतोत्साहित करेगी.
आरबीआई के आंकड़े बताते हैं कि छह साल में पर्सनल लोन तीन गुना हो गए हैं और कर्ज़ चुकाने में चूक बढ़ी है; सोशल मीडिया से बनी लाइफस्टाइल को बनाए रखने के लिए मिडिल क्लास कर्ज़ ले रहा है, जबकि असली मज़दूरी आधी रह गई है.