scorecardresearch
Friday, 30 January, 2026
होममत-विमत

मत-विमत

मोदी सरकार और सेना के हाथ सैनिकों के खून से रंगे हैं, प्रधानमंत्री के सामने भी नेहरू जैसी ही दुविधा है

मोदी भी उसी दुविधा के शिकार हैं जिसके शिकार नेहरू हुए थे. सेना की क्षमता में टेक्नोलॉजी के कारण जिस तरह भारी विकास हुआ है, उसके मद्देनज़र चीन का पलड़ा हमसे भारी दिखता है. नेहरू की तरह मोदी ने भी सेना की जगह अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता दी है.

स्वास्थ्य सेवाएं राज्य का विषय लेकिन कोविड ने साबित किया कि भारत के राज्य केंद्र पर कितने निर्भर हैं

मंकी फीवर और जापानी एनसिफिलाइटिस की तरह, कोविड-19 ने भी सार्वजनिक स्वास्थ्य संकटों से निपटने में, राज्य सरकारों की तकनीकी कमज़ोरी को उजागर कर दिया है.

चीन की घेराबंदी का भारत को नेतृत्व करना चाहिए, किसी और पर यह काम नहीं छोड़ा जा सकता

नई दिल्ली को पीओके के माध्यम से सीपीईसी पर अपनी आपत्ति दोहरानी चाहिए और भले ही भारत के दो विरोधियों को जोड़ने वाले इस गलियारे को रोकने के लिए ही सही, पीओके को सैन्य बलबूते पर फिर हासिल करने की योजना बनानी चाहिए.

आम आदमी की जेब हो रही खाली, अगर मोदी सरकार सीधे पॉकेट नहीं भरती तो क्या सड़क पर विद्रोह शुरू हो जायेगा

अगर बढ़ती बेरोजगारी के बीच लोगों की जेब में सीधा पैसा नहीं पहुंचता है तो बहुत चांस है कि लोग सड़कों पर उतर सकते हैं. ये हाल तब और विकट हो जाता है जब सरकारें फ्रंट लाइन में काम कर रहे डॉक्टरों, नर्स और सफाई कर्मचारी तक को सैलरी नहीं दे पा रही है.

कोविड ने महिलाओं को दशकों पीछे धकेला, उनको मदद दिए बिना भारत ‘आत्मनिर्भर’ नहीं बन सकता

भारत में ज्यादातर महिलाओं पर घरेलू जिम्मेदारियों को बोझ अब बढ़ गया है. जिनके पास रोजगार बचा है वो तो 'डबल-डबल शिफ्ट' कर रही हैं.

चीन की दादागिरी सैन्य वार्ता से नहीं रुकने वाली, मोदी को राजनीतिक फैसला लेना होगा

नरेंद्र मोदी सरकार को एक राजनीतिक रुख अपनाना होगा और मुद्दे को हल्के में लेना बंद करना होगा. इस रुख की बुनियाद इस भरोसे पर टिकी होनी चाहिए कि भारतीय सेना कमज़ोर नहीं है और मामले को तूल देने में वो चीनियों का मुकाबला कर सकती है.

छत्तीसगढ़ में माओवादियों से भाजपा की सांठगांठ पार्टी नेताओं की हत्या और गिरफ्तारी के बावजूद फलती-फूलती रही है

जगत पुजारी या भीमा मंडावी जैसे भाजपा नेता बस्तर की राजनीतिक बिसात पर छोटे मोहरे रहे हैं. उन्होंने रायपुर स्थित अपने आकाओं की सहमति के बिना अपनी चालें नहीं चली होंगी.

कोविड काल में कंपनियां अपना आकार घटा रही हैं, इन तीन तरीकों से आप अपनी नौकरी बचा सकते हैं

नौकरी बची रहने के लिए केवल अच्छा काम ही पर्याप्त नहीं होता, खासकर संकटकालीन परिस्थितियों के दौरान, यह ऐसा समय होता है जब आपके पेशेवर रिश्ते ज्यादा अहम भूमिका निभाते हैं.

मोदी-शाह की अक्साई चीन पर गीदड़ भभकी ने एलएसी को पार करने के लिए चीन की यिंग पाइ को सक्रिय कर दिया है

अगस्त-सितम्बर 2019 में, ये बात ज़ाहिर हो गई कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सब कुछ ठीक नहीं है, जब पीएलए की ओर से भारतीय गश्त को रोका जाने लगा.

आरएसएस की चीन नीति: नेहरू की गलतियों से सीखें और चीनी विस्तारवाद से सावधान रहें

आरएसएस ने हमेशा कहा है कि भारत को चीन से सावधान रहना चाहिए और वह निरंतर सरकारों से चीन के मामले में लापरवाही नहीं बरतने का आग्रह करता रहा है.

मत-विमत

अजित पवार की मौत ने भारतीय राजनीति में एक और ‘क्या होता अगर’ वाली बहस छोड़ दी है

दीन दयाल उपाध्याय की हत्या और माधवराव सिंधिया के प्लेन क्रैश से लेकर गांधी परिवार की हत्याओं तक, राजनीति में जो कुछ भी होता है, उसका हिसाब-किताब से कम और किस्मत से ज़्यादा लेना-देना होता है.

वीडियो

राजनीति

देश

नकाबपोश लोगों ने चंद्रपुर कांग्रेस पार्षदों को बस से अगवा करने की कोशिश की, मामला दर्ज

चंद्रपुर, 29 जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र के चंद्रपुर से कांग्रेस पार्षदों को नकाबपोश लोगों द्वारा बृहस्पतिवार शाम बस से कथित तौर पर अगवा करने की...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.