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Thursday, 26 February, 2026
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भारतीय सेक्युलरिज्म पर हिंदी की यह किताब उदारवादियों को बेनकाब कर सकती थी पर नजरअंदाज कर दी गई है

कोई और देश होता तो ऐसी किताब के आने के बाद उसमें उठाये गये सवालों के इर्द-गिर्द राजनीतिक बहस का तूफान उठ खड़ा हो जाता. प्रश्न-प्रतिप्रश्न और वाद-विवाद में लिखत-पढ़त का एक सिलसिला निकल पड़ता.

कोरोना संकट में ईश्वर की सत्ता का कुछ नहीं बिगड़ा, तस्लीमा नसरीन गलत साबित हुईं

विश्व इतिहास के तमाम युद्ध, महामारी, सुनामी और ज्वालामुखी विस्फोट के बाद का अनुभव यही बताता है कि ईश्वर किसी बीमारी से या आपदा की वजह से नहीं मर सकता है.

अमेरिका और रूस को भारत कैसे अपने पाले में ले आया जिससे चीन अलग-थलग होने पर मजबूर हुआ

चीन एलएसी से पीछे हट रहा है और उसे यह संदेश भी मिल चुका है कि भारत के पास आज दुनिया में और भी ज्यादा मित्र हैं. निश्चित तौर पर पिछले 24 घंटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहे हैं.

बाहुबलियों- नेताओं और पुलिस के सांठ-गांठ को लेकर ऐसा क्या है एनएन वोहरा कमिटी की रिपोर्ट में जिसे सार्वजनिक नहीं कर रही है सरकार

1993 मुंबई बम विस्फोट के बाद एनएन वोहरा समिति ने संगठित अपराधियों, माफिया, नेताओं और पुलिस तथा प्रशासन के नौकरशाहों की सांठगांठ को बेनकाब करने वाली एक रिपोर्ट सौंपी थी. जिसे आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया. लेकिन अब समय आ गया है कि इसपर सख्ती से अमल किया जाए.

विदेशी निवेशकों के भरोसे नहीं रहा जा सकता, भारत को स्टार्टअप फाइनेंसिंग में आत्मनिर्भर बनना होगा

भारत की आर्थिक वृद्धि में स्टार्टअप बहुत ज्यादा मायने रखते हैं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह विदेशी निवेशकों के अनावश्यक प्रभाव में न रहें, हमें एक वेंचर कैपिटल इंडस्ट्री तैयार करने की आवश्यकता है.

मोदी-शाह भी ‘बांटो और राज करो’ की कांग्रेसी नीति पर, वही हाल भाजपा का भी होगा

मोदी और शाह इतने ताकतवर तो हैं ही कि भाजपा के अंदरूनी झगड़ों को शांत कर सकें लेकिन खतरा यह है कि पार्टी में गुटबाजी कहीं उनकी वजह से ही न पनपने लगे.

आईसीएमआर को कोरोना का टीका जल्दी तैयार करना चाहिए, 15 अगस्त नहीं बल्कि विज्ञान के हित में

कोरोनावायरस के टीके का क्लिनिकल परीक्षण 15 अगस्त तक पूरा करना संभव नहीं है. नियामक अधिकारियों का नैतिक कर्तव्य है कि वे राजनीतिक नेताओं को ‘ना’ कहें.

कांग्रेस की छवि ओबीसी विरोध की लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए सबसे बड़े काम उन्हीं के शासन में हुए

कांग्रेस ओबीसी बहुल पार्टी नहीं है. एक सर्वसमावेशी पार्टी होने के बावजूद ओबीसी हित से जुड़े सबसे बड़े फैसले-सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में ओबीसी आरक्षण कांग्रेस के शासन काल में ही लागू हुए.

सिंधिया को सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा में नहीं लाया गया, शिवराज सिंह पर लगाम लगाना बड़ा कारण था

मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान को अब ज्योतिरादित्य सिंधिया का ख्याल रखते हुए भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के मूड को भी पढ़ते रहना पड़ेगा. 

चीन से निपटने में व्यवधान मोदी के बड़बोले मंत्री बन रहे हैं, न कि कांग्रेस पार्टी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां पाकिस्तान को दंडित करने के लिए 2016 और 2019 में क्रमश: ‘सर्जिकल’ और हवाई हमले किए थे, वहीं अब चीन पर ज़ुबानी हमले करने में उनके मंत्री उन्हें पीछे छोड़ रहे हैं.

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IDFC FIRST Bank धोखाधड़ी क्रेडिट क्वालिटी की कहानी नहीं, यह गवर्नेंस के बारे में है

जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.

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तृणमूल ने मोदी के खुले पत्र का तीखी और व्यंग्यात्मक शैली में दिया जवाब

(शीर्षक में सुधार के साथ रिपीट) कोलकाता, 26 जनवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के लोगों को लिखे गए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खुले पत्र के...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.