कोई और देश होता तो ऐसी किताब के आने के बाद उसमें उठाये गये सवालों के इर्द-गिर्द राजनीतिक बहस का तूफान उठ खड़ा हो जाता. प्रश्न-प्रतिप्रश्न और वाद-विवाद में लिखत-पढ़त का एक सिलसिला निकल पड़ता.
विश्व इतिहास के तमाम युद्ध, महामारी, सुनामी और ज्वालामुखी विस्फोट के बाद का अनुभव यही बताता है कि ईश्वर किसी बीमारी से या आपदा की वजह से नहीं मर सकता है.
चीन एलएसी से पीछे हट रहा है और उसे यह संदेश भी मिल चुका है कि भारत के पास आज दुनिया में और भी ज्यादा मित्र हैं. निश्चित तौर पर पिछले 24 घंटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रहे हैं.
1993 मुंबई बम विस्फोट के बाद एनएन वोहरा समिति ने संगठित अपराधियों, माफिया, नेताओं और पुलिस तथा प्रशासन के नौकरशाहों की सांठगांठ को बेनकाब करने वाली एक रिपोर्ट सौंपी थी. जिसे आज तक सार्वजनिक नहीं किया गया. लेकिन अब समय आ गया है कि इसपर सख्ती से अमल किया जाए.
भारत की आर्थिक वृद्धि में स्टार्टअप बहुत ज्यादा मायने रखते हैं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि वह विदेशी निवेशकों के अनावश्यक प्रभाव में न रहें, हमें एक वेंचर कैपिटल इंडस्ट्री तैयार करने की आवश्यकता है.
कांग्रेस ओबीसी बहुल पार्टी नहीं है. एक सर्वसमावेशी पार्टी होने के बावजूद ओबीसी हित से जुड़े सबसे बड़े फैसले-सरकारी नौकरियों और शिक्षा संस्थानों में ओबीसी आरक्षण कांग्रेस के शासन काल में ही लागू हुए.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जहां पाकिस्तान को दंडित करने के लिए 2016 और 2019 में क्रमश: ‘सर्जिकल’ और हवाई हमले किए थे, वहीं अब चीन पर ज़ुबानी हमले करने में उनके मंत्री उन्हें पीछे छोड़ रहे हैं.
जोखिम खत्म नहीं हुआ है. इसका रूप बदल गया है—यह नॉन-परफॉर्मिंग लोन की वजह से बैलेंस शीट पर दबाव से हटकर तेजी से बढ़ते डिजिटल सिस्टम को संभालने की ऑपरेशनल चुनौतियों में बदल गया है.