धर्मनिरपेक्षता की मौत के बारे में प्रताप भानु मेहता सही हैं लेकिन वह इस बात का जवाब नहीं देते कि हिंदू जनमत का पूरा स्पेक्ट्रम धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ क्यों हो गया.
दुनियाभर में 2008 के वित्तीय संकट से सबक लेकर कोविड-19 की महामारी के दौरान नीतिगत गलतियां करने से बचा जा सकता है, खासकर मुद्रास्फीति और बुरे कर्जों के मामले में
एक रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक की पिछली विधानसभा में 92 प्रतिशत विधेयक उन्हें पेश किए जाने के एक हफ्ते के अंदर ही पारित हो गए, यही ट्रेंड आमतौर पर पूरे भारत में है.
रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर कैप्टन शिखा सक्सेना लिखती हैं कि 'गुंजन सक्सेना- द कारगिल गर्ल' के हर सीन ने, जिसमें महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह दिखाया गया है, मेरी बेटियों के अंदर सहानुभूति जगाई.
भारत के लिए अच्छी बात यह है कि चीन को इसका ज्यादा अंदाजा ही नहीं लग पाता कि यह मजबूत लोकतंत्र कैसे काम करता है क्योंकि उसकी धमकियों और दावों पर भरोसा करने के बजाये भारतीय उससे भड़क जाते हैं.
भारत की नई शिक्षा नीति के प्रमुख उद्देश्यों में संवैधानिक मूल्यों का संरक्षण एक प्रमुख उद्देश्य स्वीकार किया गया है. संविधान के पीछे स्वतंत्रता का एक लंबा संघर्ष रहा है.
मोदी-शाह की भाजपा की नजरें ममता के बंगाल, पटनायक के ओडिशा, केसीआर के तेलंगाना और जगन के आंध्र पर टिकी हैं. जबकि कांग्रेस ने अपना सारा ध्यान प्रधानमंत्री पर ही केंद्रित कर रखा है.
जब वामपंथी दल आक्रामक तरीके से हिंदू वोटों में सेंध लगा रहे हैं, तो बीजेपी के लिए तुरंत फायदा अपने कोर वोट बैंक को मजबूत करने में हो सकता है, उससे पहले कि वह अपना दायरा और फैलाए.