आज जो लोग राहुल की सक्रियता पर उनके लिए तालियां बजा रहे हैं वे कल को उनके मनमौजीपन, उनकी अघोषित विदेश यात्राओं, और सबसे ऊपर नेतृत्व संकट से निबटने में उनकी विफलता के लिए उनके खून के प्यासे भी हो सकते हैं.
सोने की कीमतों का मुद्रास्फीति और बैंक ब्याज दरों से सीधा संबंध है. ऐसे समय में जब मुद्रास्फीति की दर ब्याज दरों से ऊपर चली जाती हैं तो निवेशकों का ध्यान सोने पर जाता है जो उस समय बेहतर रिटर्न देता है.
दो साल पहले 2018 में जारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक पिछले 10 सालों में दलितों के साथ होने वाली हिंसा में 66 फीसदी का इजाफा हुआ है.
बाबरी मस्जिद ढहाने के मामले पर न बोलें और हाथरस के मसले पर बोलें, ऐसा नहीं चल सकता क्योंकि एक का ताल्लुक महिलाओं और दलितों की आवाज़ उठाने से है तो दूसरे का मुसलमानों की आवाज़ उठाने से है और इसमें फर्क नहीं किया जा सकता.
पिछड़े वर्गों के बीच भाजपा का विस्तार अभी जारी है लेकिन पार्टी ने जनता के बीच ऊंची जातियों का पक्षधर होने संबंधी मज़बूत होती धारणा को दूर नहीं किया तो उसका नया सामाजिक आधार शायद पर्याप्त साबित न हो.
नीली क्रांति तभी सफल होगी जब राज्य और केंद्र सरकारें उन मछुआरों के बारे में सोचेंगी जो महानगरों में रिक्शा चला रहे हैं या सब्जी बेच रहे हैं. ये वे लोग है जिनके पास नदी के व्यवहार को समझने की समझ है. नदी का व्यवहार तेजी से बदल रहा है और उसे समझने वाले लोग खत्म होते जा रहे हैं.
लालू हों या मुलायम या फिर बात करें बाबरी विध्वंस और 2 जी स्पैक्ट्रम की राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मामलों में सीबीआई आरोपियों को सजा दिलाने में क्यों नहीं कामयाब होती है?