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Sunday, 1 February, 2026
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मोहम्मद सिराज — पासमांदा मुसलमानों के हीरो

सिराज जैसा नाम राष्ट्रीय गर्व के साथ लिया जाना अपने आप में एक हल्की-सी क्रांति है. उनकी सफलता इस बात का सबूत मानी जा रही है कि मज़दूर वर्ग से जुड़े पासमांदा बैकग्राउंड के लोग भी इस मुकाम तक पहुंच सकते हैं.

कोई नहीं जानता, ‘स्किल इंडिया’ कार्यक्रमों के 48,000 करोड़ कहां चले गए

हुनर विकास की योजनाओं पर हज़ारों करोड़ खर्च करने के बाद भी सभी उपक्रमों में हुनरमंद कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है, जबकि बेरोज़गारी बढ़ती जा रही है.

भारत US से रक्षा संबंधों को अहम मानता है, लेकिन MAGA टैरिफ इस साझेदारी को कमजोर कर सकते हैं

भारत के रणनीतिक फैसलों से संकेत मिलता है कि अमेरिका के दोहरेपन के बारे में भारत व्यावहारिक समझ रखता है. अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग में तेजी आई है लेकिन भारत कई सैन्य सप्लायरों को चुन रहा है.

ट्रंप की पावर पॉलिटिक्स में भारत की एक कमजोरी—एक्सपोर्ट में कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो अनोखी हो

व्यापार शुल्क का इस्तेमाल पहले जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों ने उद्योग को बढ़ावा देने या रोकने के लिए किया था.

प्रियंका से शर्मिला और कनिमोझी से मीसा तक — कविता एक बड़ी लड़ाई लड़ रही हैं

BRS नेता कविता तब से आहत हैं जब से उनकी वह चिट्ठी ‘लीक’ हुई, जिसमें उन्होंने अपने पिता से बीजेपी पर नरम रुख अपनाने पर सवाल किया था.

अमेरिका और पाकिस्तान का ‘रोमांस’ तो पहले से है, फिर भारत को इतनी तकलीफ क्यों?

मुझे नहीं लगता कि भारत-अमेरिका के रिश्ते इतने बिगड़े हैं कि ठीक न हो सकें. ट्रंप से निपटने के तरीके हैं, भले ही इस साल पाकिस्तान हमसे आगे निकल गया हो.

ट्रंप को लेकर भारत का रुख भावनात्मक है. टैरिफ से हुआ नुकसान मानसिक है

भारत बार-बार ‘महाशक्ति’ के भ्रमजाल में फंस जाता है. सोचिए 1950 का दशक, जब नई दिल्ली ने अपनी असल संभावनाओं को वास्तविक शक्ति समझ लिया और 1962 में चीन ने उसे ज़मीन पर ला दिया.

ड्रोन में चीन दुनिया का लीडर, पाकिस्तान बराबरी पर—भारत को UAS पर ज़ोर देना चाहिए

हाई टेक्नोलॉजी वाले पुराने वेपन सिस्टम्स की खरीद की समीक्षा की जाए. ड्रोनों के युग में 10 करोड़ डॉलर मूल्य के अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर का क्या काम?

मोदी-ट्रंप के बीच क्या आ रहा है? जवाब है: भारत के विरोधाभास

ट्रंपियन कूटनीति से अपनी रक्षा करने के लिए सबसे पहले हमें अपने सत्तातंत्र के अंदर के विमर्श में जो विरोधाभास हैं उनका विश्लेषण करना होगा. आप तब से शुरू कर सकते हैं जब 2014 की गर्मियों में मोदी सत्तासीन हुए थे.

SP की सोशल इंजीनियरिंग Vs BJP का कोर वोटबैंक—उत्तर प्रदेश में जातीय जंग

2024 के चुनावी आंकड़े बताते हैं कि जातीय जोड़तोड़ कोई सांकेतिक मामला नहीं था, बल्कि दलों ने जातियों के समीकरण के मामले में सोची-समझी चालें चलीं.

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स्विस रिपोर्ट: अब ऑपरेशन सिंदूर बहस को खत्म कर देना चाहिए. यह जानना भी अहम है कि लड़ाई कब रोकनी है

किसी भी युद्ध को जीतने तो क्या, शुरू करने की कुंजी यह होती है कि उसका लक्ष्य स्पष्ट हो. यह पूरी तरह से राजनीतिक विषय होता है. यह न तो भावनात्मक मामला होता है, और न ही शुद्ध रूप से सैन्य मामला.

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जयपुर में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से दो व्यक्तियों की मौत: पुलिस

जयपुर, 31 जनवरी (भाषा) जयपुर के विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक कारखाने में ऑक्सीजन सिलेंडर फटने से शनिवार रात दो व्यक्तियों की मौत हो...

लास्ट लाफ

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.