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Wednesday, 18 March, 2026
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केर्न, वोडाफोन, देवास मामले दिखाते हैं कि बाहरी कंपनियों के साथ अपने लोगों जैसा बर्ताव नहीं कर सकता भारत

अपने नागरिकों के साथ कैदियों वाला बर्ताव करने वाला सरकारी तंत्र बाहर की कंपनियों के साथ भी वैसा ही व्यवहार करता है और उसे ऐसा जवाब मिलता है जैसा अक्सर घरेलू स्तर पर नहीं मिल पाता.

क्या आपने मनसुख मांडविया की अंग्रेज़ी का मज़ाक उड़ाया? तो आपने मोदी का वोट और मजबूत कर दिया

नये स्वास्थ्य मंत्री मनसुख़ मांडविया की अंग्रेजी का मजाक उड़ाना यही दिखाता है कि मोदी के भारत ने कुलीनतावाद को खारिज कर दिया है.

जो बाइडेन की कॉल के इंतजार में हैं इमरान खान, लेकिन अभी तक नहीं बजा है फोन

पहले ये भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी थे जो इमरान ख़ान की कॉल्स नहीं ले रहे थे. अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन हैं जो कॉल करने से मना कर रहे हैं.

मोदी सरकार में फेरबदल का शासन से कोई लेना-देना नहीं, ये सिर्फ धारणाओं के मैनेजमेंट का खेल है

मोदी सरकार का मंत्रिमंडल पीएमओ की हांक से चलने वाला मंत्रिमंडल है. आजाद भारत में पीएमओ की हांक पर चलने वाला जैसा मंत्रिमंडल मोदी सरकार ने बनाया है वैसा अब से पहले कभी नहीं बना.

कोरोना से लड़ने के लिए व्यापक दृष्टिकोण के साथ घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत

महामारी के दौरान सरकार की गलत नीतियों के चलते केंद्र सरकार के 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज का उत्तर प्रदेश सहित कहीं भी बहुत उपयोग नही हो सका.

बॉलीवुड के पहले खान थे दिलीप कुमार, हमारे दिलों के शहज़ादे सलीम: शोभा डे

एक ऐसे युग में जहां भारत के फिल्मी सितारों ने दो दशकों में 100 से भी अधिक फिल्में की हैं, दिलीप कुमार के कैमरे के सामने बिताये गए 50 वर्षों में उन्हें सिर्फ 65 फिल्मों में अभिनय करते देखा गया.

यूपी का अगला चुनाव सिर्फ मायावती के लिए ही नहीं, ‘मुख्यधारा’ की दलित पार्टी के लिए भी करो या मरो का मामला है

BSP ने भारतीय राजनीति के मानक बदल दिए और अपने दलित एजेंडा के साथ वास्तव में मुख्यधारा की पार्टी बन गई लेकिन इसका पतन सिर्फ मायावती को अप्रासंगिक नहीं बनाएगा बल्कि इसके कई और नतीजे निकलेंगे.

शी जिनपिंग के चीन ने CCP के सौ वर्षू पूरा होने पर कैसे राष्ट्रवादी गीत और डांस कर युवाओं को आकर्षित किया

CCP के शताब्दी समारोह की चीनी सोशल मीडिया और मुख्यधारा के मीडिया प्लेटफार्मों पर भरपूर चर्चा हुई. शी जिनपिंग ने एक किसान के जीवन का अनुभव किया जबकि उनकी पार्टी ने युवा समूहों में जगह बनाई.

स्टेन स्वामी ने पूरा जीवन गरीबों और शोषितों की सेवा में लगा दिया, उन्होंने अपनी ‘कमिटमेंट’ की कीमत चुकाई

स्टेन स्वामी अपनी गोद ली संतानों यानी झारखंड के आदिवासियों के बीच मरना पसंद करते. लेकिन सरकार और एनआईए ने कुछ और ही सोच रखा था.

महंगाई गरीबों के ‘विकास’ के लिए पीएम मोदी की नई महत्वाकांक्षी योजना है?

महंगाई इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्रीकाल तक ‘प्रगतिशील अर्थव्यवस्था का गुण’ भर हुआ करती थी, नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्रीकाल में वह ‘देश के विकास के लिए’ हो गई है- खासकर गरीबों के लिए.

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इंदौर में मकान में आग लगने से सात लोगों की मौत

इंदौर, 18 मार्च (भाषा) मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार तड़के एक मकान में आग लगने से सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस...

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सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला और बिलकिस बानो की जीत

दिप्रिंट के संपादकों द्वारा चुने गए दिन के सर्वश्रेष्ठ कार्टून.